फर्जी राशन कार्ड मामले में जांच के उपरांत पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता अमरजीत सिंह की शिकायत पर मध्यप्रदेश निवासी 23 प्रवासी लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
ये लोगों ने मध्यप्रदेश और हरियाणा में आकर यहां का फर्जी राशन कार्ड बनाकर दोनों सरकारों की सुविधाओं का लाभ ले रहे थे।
जानकारी के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता शक्ति नगर निवासी अमरजीत सिंह ने आरटीआई के माध्यम से प्रवासी मजदूरों के राशन कार्ड संबंधित जानकारी हासिल की।
जानकारी मिलने पर खुलासा हुआ कि एमपी निवासी कुछ प्रवासी मजदूरों के सिरसा में फर्जी तौर पर राशन कार्ड बने हुए हैं। अमरजीत सिंह ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के महानिदेशक को इसकी शिकायत की।
महानिदेशक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसी और एसपी को मामले की जांच के आदेश दिए। इसके बाद शहर थाना के तत्कालीन प्रभारी अर्जुन राठी ने शिकायतकर्ता अमरजीत सिंह के बयान दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
आरोप है कि जांच शुरू होने के बाद से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने इसपर पर्दा डालने के प्रयास किया तो आरटीआई कार्यकर्ता अमरजीत सिंह ने 23 फरवरी को सीएम विंडो पर इसकी शिकायत की।
इसके बाद अधिकारीगण हरकत में आए। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि उक्त 23 लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय में जाकर अपने राशन कार्ड बनवाए।
शनिवार को हुडा चौकी पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता अमरजीत सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपी प्रवासी मजदूरों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।
फर्जी कार्ड बनवाने वालों में मध्यप्रदेश के जिला छतरपुर के गांव खीरी निवासी लाली, बलदेव, धर्मदास, बब्लू, लखन, टीसी लाल, ग्यासी लाल, काली चरण, राकेश, बारी लाल, आशा राम, भवानी, नानू राम, गौरव व बाबू लाल।
इनके अलावा कानवार निवासी हनुमान, किशोरी लाल, लाली, बिंद्रा, राम दास, राज नगर थाना क्षेत्र निवासी दया राम, राजन व सुखपाल शामिल है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह है पूरा मामला
शक्ति नगर में झुग्गियों में रहने वाले दर्जनों परिवारों द्वार सिरसा में राशन कार्ड बनवाए गए है। पीले व गुलाबी राशन कार्ड की बदौलत ये परिवार सस्ती दर पर राशन हासिल कर रहे हैं।
इसी के साथ ही ये नि:शुल्क चिकित्सा व अन्य प्रकार की सरकारी सुविधाएं ले रहे हैं। इन परिवारों को सिरसा के अलावा मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पहले से ही राशन कार्ड बना हुआ है।
इन लोगों ने दोहरे राशन कार्ड बनाकर गैर कानूनी काम किया और सिरसा प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी।
पांच साल पहले की थी शिकायत
आरटीआई कार्यकर्ता अमरजीत सिंह ने बताया कि करीब पांच साल पहले उसने इस मामले की सारी जानकारी आरटीआई के तहत हासिल करने के बाद इसकी शिकायत प्रशासन को की थी।
इतने सालों को किसी ने शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया। सीएम विंडो में शिकायत देने से उसे न्याय की उम्मीद जागी।
जांच अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि अधिकारियों की जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर किया गया है।