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मंडवा एक बार फिर सुलगने से बचा

Mon, 22 Feb 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
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सुल्तानपुर घोष थानाक्षेत्र का मंडवा गांव एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव की आग में झुलसने से बच गया। रविवार को शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पाकर भारी संख्या में पहुंची फोर्स ने सूझबूझ से मामला शांत कराया। फिर दोनों पक्ष की सहमति से शव को दफन करा दिया गया।
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मंडवा गांव निवासी अनवर अहमद का शनिवार को इंतकाल हो गया था। शव को दफनाने के लिए चक मुबारकपुर गौंती में कब्र खोदी जा रही थी। तभी गंाव के शिवभूषण, रामदेव, रोशनलाल आदि लोगों ने कब्र खोदने का विरोध किया और खुदाई रुकवा दी।

दूसरे पक्ष को भनक लगी तो काफी संख्या में अबरार अहमद, इसरार अहमद आ गए। दो पक्ष आमने-सामने आ जाने से विवाद तूल पकड़ने लगा और थोड़ी देर में दोनों पक्षों के लोग जुटने लगे। हंगामा बढ़ता देख ग्राम प्रधान केशव ने पुलिस को सूचना दिया। एसओ मनीष पांडेय पुलिस बल लेकर मौके पर गए और लोगों को समझाया।
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कुछ ही देर में एसडीएम बलराम सिंह, तहसीलदार जेपी पांडेय और हल्के के राजस्व कर्मचारी भी आ पहुंचे। कब्रिस्तान की जमीन की पैमाइश हुई। एडीएम आलोक सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक राजकमल यादव, सीओ बिंदकी आरके वर्मा, ट्रैफिक मोबाइल, शक्ति, एक्शन मोबाइल और पीएसी बल भी आ पहुंचा।

एसडीएम बलराम सिंह ने बताया कि जमीन कब्रिस्तान की थी। जिससे कब्र में शव को दफना दिया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से सुलहनामा लिखवाकर मामले को समाप्त कर दिया।  सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के मंडवा गंाव में शव दफनाने के विवाद में सांप्रदायिक तनाव को समाप्त करने में एसपी का रेड टीम फार्मूला कारगर साबित हुआ।

एसपी कलानिथि नैथानी के इस फार्मूले के तहत अलर्ट होते ही ट्रैफिक, एक्शन, शक्ति मोबाइल की टीमें और एडीशनल, सीओ एवं पीएसी बल मौके पर पहुंच गए। जिससे हालात बिगड़ने के पहले ही दोनो पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।
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