फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एटीएम हैक कर बैंकों को चूना लगाने वाले भेजे जेल

Thu, 21 Jun 2018 11:55 PM IST
fatehpur
विज्ञापन
पुलिस लाइन में आरोपियों की जानकारी देते एसपी - फोटो : amarujala
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहपुर। एटीएम हैक करके बैंकों को चूना लगाने वाले हैकर्स गिरोह का गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया। गिरोह के  सदस्यों चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। हैकर्स  बैंक से लाखों रुपये  उड़ा चुके हैं। सात फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने छापेमारी कर रही है।
पुलिस लाइन में एसपी राहुल राज ने बताया कि एटीएम फ्राड की घटनाओं पर काबू पाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया।  बुधवार को एसबीआई शाखा के सामने एटीएम बूथ के बाहर खड़े  कानपुर नरवल थाने के करबिंगवा निवासी हरिशंकर यादव के पुत्र  दीपक यादव और गाजीपुर थाने के वलीपुर निवासी स्वामीदीन विश्वकर्मा के पुत्र  देशराज को गिरफ्तार कर लिया।  उनके  पास से एसबीआई के 12 एटीएम, आठ एटीएम बैंक ऑफ बड़ौदा, छह पीएनबी के कार्ड अलग अलग नामों के बरामद हुए । आरोपियों ने बैंकों में फर्जी खाते खुलवाकर कार्ड हासिल किए। बुधवार को कार्ड का इस्तेमाल कर 55 हजार नगदी निकाली है। एटीएम फ्राड की कमाई से तीन मोबाइल, तीन तोले सोने की चेन, अपाचे बाइक,  सैमसंग मोबाइल खरीदा है। आरोपी दीपक ने कमाई से घर तक बनवाने में काफी रकम खर्च की है। आरोपी इंदौरा, राजस्थान पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। कानपुर में कई घटनाएं कर चुके हैं।  गैंग में सात अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। एसपी ने टीम को पुरस्कृत किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 मोडस अपरेंडी है फ्राड का तरीका
कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी किसी भी बैंक के एटीएम कार्ड को एटीएम में डालकर रुपये निकालते हैं। एटीएम मशीन से रुपये स्कैन होकर आते हैं। तभी ऊपर व नीचे के नोट छोड़कर कुछ पलों में बीच से रकम बाहर निकाल लेते हैं। एटीएम मशीन में ट्रांजेक्शन इनकंप्लीट बताता है। बैंक खाता इनके और गैंग से जुड़े लोगों के होते हैं। एटीएम से रुपये न आने की शिकायत टोल फ्री पर नंबर पर की जाती है।  ट्रंाजेक्शन इंकप्लीट दिखाए जाने के कारण बैंक सर्वर से  खाते में रकम  वापस आ जाती  है। इस दौरान मशीन से नोट निकाल पाना सबके बस की बात नहीं होती है। मशीन का कुछ हिस्सा खोलकर आरोपी हैंग करते हैं। जिससे प्रकिया में सफल होते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें