बकेवर कस्बे में सराफ हरीश गुप्ता की दुकान से साढ़े 42 लाख रुपये के जेवर और नगदी चुराने वाले चार चोर कैमरे में कैद हो गए हैं। कानपुर की एक्सपर्ट लैब से पुलिस फोटो और वीडियो लेकर आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बावरिया गिरोह के सदस्य मालूम पड़ रहे हैं। ये दूसरे जिलों के हो सकते हैं। ये कानपुर देहात क्षेत्र के भी हो सकते हैं।
बकेवर थाने से महज तीन सौ मीटर दूर पुलिस पिकेट प्वाइंट के पास हरीश गुप्ता की सराफा दुकान से बुधवार की रात चोरी हो गई थी। चोरों ने चालाकी दिखाकर एक सीसीटीवी कै मरा भी तोड़ दिया था। अंदर लगे चार कै मरों को झुका दिया था। यहां तक एलसीडी भी उठा ले गए थे पर कैमरे की रिकार्डिंग मशीन को डिब्बा मानकर छोड़ गए थे। इस कारण सभी चोर रिकार्डिंग में कैद मिले।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी हाफ पैंट पहने, हाथ में लोहे की रॉड लिए दिख रहे हैं। इसी वजह से इन्हें घुमंतू प्रजाति बावरिया माना जा रहा है। बावरिया भी हथियार के रूप में लोहे की राड और डंडे का उपयोग करते हैं। हालांकि पुलिस रिकार्ड में आरोपियों के फोटो मैच नहीं हुउ हैं। इस कारण पुलिस चोरों को गैर जिले का होना मान रही है। क्राइम ब्रांच ने बकेवर और कानपुर सीमा के कई घुमंतू डेरों में छापेमारी की है। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया चोरों की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
पुलिस की सुस्ती से भागे चोर, लगाई फटकार
फतेहपुर। बकेवर थाने से महज 300 मीटर दूर चोरी की इतनी बड़ी वारदात ने पुलिसिंग व्यवस्था की कलई खोल दी है। गुरुवार देर रात पुलिस अधीक्षक मौके का जायजा लेने पहुंची। उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी जमकर फटकार लगाई। कहा कि पुलिस फौरन कांबिग शुरू कर देती तो भी आरोपियों के मिलने की संभावना थी।
पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली ने गुरुवार की रात दुकान का जायजा लिया। सराफा कारोबारी से मिलीं और जल्द खुलासे का आश्वासन दिया। थानेदार के राष्ट्रपति ड्यूटी में जाने की वजह से पुलिस की गाड़ी नहीं थी। इससे थाना पुलिस ठंड के कारण गश्त पर ठंडी पड़ गई। एसपी ने कार्यवाहक एसओ राघवेंद्र सिंह और एसआई सुरेंद्र सिंह को जमकर फटकार लगाई। कहा कि पूरी रात सायरन बजाकर गश्त करते तो शायद चोरी न होती।
घटना के सीसीटीवी फुटेज में चोर एक बजकर 47 मिनट पर शटर के पास पहुंचे। दोनों शटर करीब 15 मिनट में फैलाकर दुकान के अंदर तक पहुंचे हैं। चोरी करने में करीब 15 से बीस मिनट लगा। उसके बाद बाहर निकले और फरार हो गए। इस तरह करीब ढाई से तीन बजे तक कस्बे के आसपास ही रहे होंगे। तीन बजे के आसपास होमगार्डों ने थाने में खबर दी थी। तब भी अगर पुलिस चौकन्नी होती और नाकेबंदी कर तलाश में जुट जाती तो शायद चोर पकड़े जाते।
एसपी ने क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम के अतिरिक्त सीओ बिंदकी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में एक टीम गठित की है। टीम में दो एसओ, एक एसएसआई समेत 12 पुलिसकर्मी हैं। सीओ की टीम आरोपियों की तलाश में लगाई गई है।
वारदात से पहले की थी रेकी
फतेहपुर। चोरी को अंजाम देने से पहले चोरों ने दुकान में जाकर रेकी की थी। फुटेज में रॉड के साथ दिखाई देने वाला चोर गैंग का मुखिया मालूम पड़ता है। वही तिजोरी और काउंटर से माल समेटते दिखा है। उसे सराफ कारोबारी हरीश ने पहचाना है।
हरीश ने पुलिस को बताया कि वह एक पखवारे पहले पिता के पास मिट्टी पुराई के लिए पहुंचा था। उसे ऐसा कोई काम न होने बात कही गई थी। वह दोबारा घटना से दो दिन पहले दुकान में कंबल खरीदने के बहाने आया था। उसके साथ एक और भी युवक था। पीड़ित की बात पर पहले के फुटेज पुलिस ने खंगालने शुरू किए हैं। सीओ ने बताया कि वारदात के कई दिनों पहले से आरोपी रेकी कर रहे थे।