कस्बे में रहने वाले दुष्कर्म के आरोपी एयरफोर्स जवान को दबोचने गई पुलिस को भीड़ का विरोध झेलना पड़ा। पुलिस पर महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप लगाकर भीड़ ने चौराहे पर जाम लगा दिया। इधर, पुलिस टीम खुद को घिरा देख वापस लौट गई, तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
चांदपुर थाने के अमौली कस्बे के चांदनी गली में रहने वाले अनीस का बेटा महफूज हैदराबाद एयरफोर्स एकेडमी में नौकरी कर रहा है। गांव के एक फौजी ने एक साल पहले पुत्री के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म, मारपीट का आरोप लगा कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। दस दिन पहले एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए महफूज छुट्टी पर आया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंगलवार को जहानाबाद में शादी कार्यक्रम में शामिल होने महफूज अपनी चाची नफीसा व बुआ बेबी के साथ बस से जा रहा था। अमौली चौकी इंचार्ज राजेश मौर्य ने जहानाबाद रोड में बेहटा खुर्द गांव के पास बस रुकवा कर महफूज को नीचे उतार लिया। उसे साथ लेकर चलने लगे। बस में बैठी चाची और बुआ पुलिस से भिड़ गईं। छीनाझपटी होने लगी। बस में बैठी अन्य सवारियों ने भी पुलिस का विरोध कर दिया। इस पर पुलिस ने महफूज को छोड़ने में ही भलाई समझी।
जानकारी घरवालों को हुई तो भीड़ ने अमौली चौराहे पर जाम लगा दिया। सूचना पर थाना प्रभारी चिरंजीव मोहन मौके पर पहुंचे। परिजनों ने चौकी इंचार्ज पर महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। काफी समझाने के बाद एक घंटे बाद पुलिस जाम खुलवा पाई। एसओ का कहना है कि एयरफोर्स जवान पर पिछले साल मार्च माह में मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट भी है। भीड़ के विरोध के चलते जवान निकल गया।