औंग (फतेहपुर)। शौचालय का गड्ढा बना रहे ममेरे भाई रविवार को बरामदे की कच्ची छत ढहने से दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला जा सका। नर्सिंग होम से डाक्टरों ने कानपुर रेफर किया है।
औंग थाना क्षेत्र के गुधरौली गांव निवासी मौजीलाल ने प्रधानमंत्री आवास बनवाया है। आगे के हिस्से में पुराना बरामदा बना है। बरामदे के नीचे शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खोदवा रहे थे। कानपुर महाराजपुर थाने के नागापुर निवासी रोहित मिस्त्री और उसका ममेरा भाई गुधरौली निवासी अनिल गड्ढे की खोदाई कर रहे थे। सुबह काम
करते समय अचानक बरामदे की छत भरभरा कर ढह गई। मलबे में दबे भाइयों को करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। दोनों को पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। अनिल ने बताया कि बरामदे की दीवार काफी कमजोर थी। मौजीलाल को दूसरी जगह पर शौचालय बनवाने की सलाह दी गई थी। डाक्टरों ने हालत नाजुक देखकर डाक्टरों ने कानपुर रेफर किया। उधर, बहुआ के ललौली थाना क्षेत्र के बरौंहा और बनरसी गांव में शनिवार रात कोठरी की छत ढहने से दो परिवारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई। बरौंहा गांव निवासी इंद्रजीत कोरी का बेटा संदीप, प्रदीप, कुलदीप, समरजीत व बेटी लक्ष्मी रात को कोठरी में सो रहे थे। रात करीब दस बजे इंद्रजीत और पत्नी गोमती देवी सोने जा रहे थे। कोठरी में गोमती किसी काम पहुंची थी। तभी मिट्टी धसकने लगी। वह बच्चों को जगाकर घर के बाहर भागी। कुछ ही देर बाद कोठरी भरभरा कर ढह गई। घटना से परिवार की जान सही सलामत बच गई, लेकिन पूरी गृहस्थी बर्बाद हो गई। उधर, थाने के बनरसी गांव में शनिवार रात रामकिशोर कुशवाहा का घर की छत ढह गई। वह पत्नी सुमित्रा, बेटे अरुण के साथ बाहर छप्पर के नीचे सो रहे थे। परिवार के सदस्यों को कोई नुकसान नहीं हुआ। इनकी गृहस्थी मलबे में दबने से बर्बाद हुई। इसी गांव में शनिवार सुबह कोठरी ढहने में मिथिलेश अवस्थी की मौत हो गई थी।
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22- निर्माणाधीन शौचालय
बरामदा ढहा, दबकर दो ममेेरे भाई घायल
औंग थाना क्षेत्र के गुधरौली गांव में हादसा, शौचालय का गड्ढा खोद रहे थे मजदूर भाई
अमर उजाला ब्यूरो