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तकनीकी खामी के चलते श्रम विभाग में हुई गड़बड़ी

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फतेहपुर। श्रमिकों की मृत्यु के बाद परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक लाभ योजना में गलत सूचना देने व समय से डाटा अपडेट न करने पर दो श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह खुलासा शासन स्तर पर कई जनपदों की पड़ताल में उजागर हुआ। हालांकि विभागीय अधिकरियों का कहना है कि उस समय सॉफ्टवेयर में समय सीमा निर्धारित न होने से यह गड़बड़ी हुई है।
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मामला वित्तीय वर्ष 2015-16 का है। जिले के 265 श्रमिकों ने मृत्यु उपरांत पारिवारिक लाभ योजना में पंजीयन के लिए आवेदन किया था। इस योजना में श्रमिक परिवार को सवा दो लाख रुपये सरकार की ओर से दिए जाते हैं। जिनमें से 142 श्रमिकों के आवेदन विभाग ने पड़ताल कराकर अग्रसारित करा दिए। पर, इनके आवेदन ऑनलाइन

होने में काफी समय लग गया। इस अवधि में सभी श्रमिकों की मौत हो गई। शासन स्तर से हो रही मॉनीटरिंग में अब यही प्रकरण पकड़ में आया है कि मृत्यु के उपरांत कैसे आवेदन ऑनलाइन कर दिए गए। मामले में शासन के आदेश पर प्रथम दृष्टया लापरवाही पाते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनोदनी अवस्थी और राजेश श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है।
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सहायक श्रमायुक्त सुविज्ञ सिंह बताते हैं कि उस समय सॉफ्टवेयर में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं होती थी। जिसके कारण श्रम प्रवर्तन अधिकारी सारे फार्म आपरेटरों के माध्यम से सीरियल से ऑनलाइन कराते रहते थे। प्रक्रिया के दौरान श्रमिकों की मृत्यु हो गई। उन्होंने दावा किया कि श्रमिकों के परिवारों को योजना के अंतर्गत सही

लाभ दिया गया है। कोई भी वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। तकनीकी लेटलतीफी हुई है। उन्होंने बताया कि अब 25 दिन पहले उस समय की योजना के सॉफ्टवेयर को अपडेट कर कमांड जिला मुख्यालयों को दिए गए हैं। नई व्यवस्था में अब आवेदन ऑनलाइन करने के लिए एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। गड़बड़ी होने का विकल्प ही नहीं रह गया है। आवेदन का चालान शुल्क जमा करते ही सॉफ्टवेयर एक सप्ताह का अलर्ट दे देता है। इस समय सीमा के बाद कोई आवेदन ऑनलाइन नहीं किया जा सकता है।
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श्रम विभाग के निलंबित अफसरों को लापरवाही भारी पड़ी

सत्यापन के बाद भी लंबे समय तक ऑनलाइन नहीं हो पाए थे आवेदन
शासन स्तर की पड़ताल में आवेदक निकले मृतक, दो अधिकारी निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
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