खागा। प्लाट खरीद में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जमीन को बेचने वाले व्यक्ति ने एक ऐसे प्लाट को
बेचा, जिसका सौदा कुछ साल पहले ही हो चुका था। नए मालिक ने जब प्लाट पर निर्माण की योजना बनाई तो विरोध होने पर उसे ठगे जाने का पता चला। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी है।
खागा कस्बे के पूर्वी कैनाल रोड की रहने वाली आशा देवी पत्नी ज्ञानेंद्र कुमार साहू ने सुजरही में 22 नवंबर 2013 को एक प्लाट खरीदा था। उनके साथ ही कुछ और लोगों ने भी यहां पर प्लाट खरीदे थे। आशा देवी का कहना है कि एक साल बाद जब वह प्लाट पर निर्माण की तैयारी करने लगीं तो लोगों ने बताया कि उनके साथ
धोखाधड़ी की गई है। निर्माण पर ऐतराज किया गया। यह सुनकर वह तहसील पहुंचीं और इसकी जांच कराई तो मामला सही मिला। पता चला कि वर्ष 2009 में यह जमीन रारी गांव की एक महिला के नाम पर दर्ज है। उन्होंने बेचने वाले व पैसा लेने वाले अधिवक्ता से यह बात की। उन्होंने पैसा वापस करने को कहा और आज-कल कहकर उन्हें दौड़ाते रहे। अब वह पैसा देने से भी इंकार कर रहे हैं। आशा देवी का आरोप है कि उन्होंने कोतवाली खागा में इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोतवाल सुरेश चंद्र ओमहरे का कहना है कि दोनों पक्ष के दस्तावेज देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फर्जीवाड़ा कर दोबारा बेच डाला प्लाट
निर्माण के समय खुली धोखाधड़ी, कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन सुनवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो