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बस, ट्रेन में चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार

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फतेहपुर। रोडवेज परिसर, ट्रेन में टप्पेबाजी और चोरी करने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 95 हजार रुपये, जेवरात बरामद किए हैं। आरोपियों को जेल भेजा गया है।
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थरियांव थानेदार संतोष कुमार शर्मा व निरीक्षक अमित पांडेय की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह हाइवे पर भरतपुर मोड़ के पास से टप्पेबाज, चोरों का गैंग पकड़ा है। आरोपियों से पास से चोरी व टप्पेबाजी के आभूषण, नकदी, असलहा, एक बाइक, छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की। जिसमें तीन घटनाएं ट्रेन में जीआरपी थाने, रोडवज बसों और बस अड्डों में खागा कोतवाली क्षेत्र से एक लड़के का बस से बैग पार

करने, एक थरियांव में बस से अटैची लेकर चले जाने, शहर के बस अड्डे से एक महिला का बैग, युवक का नकदी भरा बैग समेत तीन घटनाएं कबूल की। घटनाएं पिछले दो माह के आसपास होना बताया जा रहा है। गैंग का सरगना अली हसन पहले कोतवाली में मादक पदार्थों की सप्लाई में पकड़ा जा चुका है। अली हसन पुत्र मेहदी हसन निवासी हमीदाबाद थाना बिलासपुर जिला रामपुर है। उसके साथी पप्पू पुत्र मोहबूब अली, वाहिद पुत्र बुद्धा भी
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हमीदाबाद निवासी है। शहर कोतवाली के पीछे रहने वाले अलवर फारुकी पुत्र मरहूम जमाल अहमद फारुकी निवासी कटरा अब्दुलगनी, मोहम्मद आशिफ पुत्र सैयद अहमद निवसी चौक कोतवाली सदर गिरफ्तार हुए हैं। इनका साथी महबूब पुत्र आरिफ, यासीन पुत्र आमिन निवासी सूपा थाना मलवां, नि. उसूफियान पुत्र अनवर अली निवासी ज्वालागंज घोसियाना फरार हैं। आरोपियों के पास से सोने के जेवरात करीब 41.75 ग्राम, चांदी के आभूषण कुल 1 किलो 778 ग्राम, दो तमंचा कारतूस, पल्सर बाइक, 95 हजार रुपये, छह मोबाइल बरामद हुए हैं। धरपकड़ में एसआई धीरेंद्र सिंह, हेड का. कांस्टेबल राजेश सिंह, हेड कांस्टेबल रामबाबू यादव, सिपाही शिवेंद्र सिंह, मनोज कुमार, जुनैद खां, विपिन मिश्रा, रवि शंकर द्विवेदी मौजूद रहे।

इनसेट
घटनाओं को अंजाम देने के बाद शातिर दूसरे जिलों में भाग जाते हैं
आरोपियों का गैंग लगातार घटनाओं के बाद जिले से भाग जाता है। यहां आसिफ ने मुराइनटोला इलाके में रामपुर के गैंग को फौजी का मकान किराये पर दिलाया था। आरोपी अलवर के लिए ऊंचे स्तर से सिफारिश की गई थी। उसके मरहूम पिता ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर रहे हैं। मुरादाबाद, रामपुर का गैंग दो माह पहले आया था। गैंग के सदस्य अपना क्षेत्र बांटे रहते हैं। हिस्सा भी अलग किए रहते हैं। पुलिस की धरपकड़ की भनक लगते ही मुरादाबाद का गैंग भाग निकला है।
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