अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। हत्या के मामले में अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने हत्यारे पर 15 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है। दूसरा आरोपी सुबूत के अभाव से बरी हो गया। हत्या की वजह रंजिश बताई गई है।
वारदात 31 दिसंबर 2009 की है। खागा कोतवाली के बलराम दास का पुरवा निवासी राजू अपने साथी थरियांव थाना क्षेत्र के घूरी बुजुर्ग निवासी सोहन यादव उर्फ छंगू के गांव आया था।
वह यहां के विश्व भूषण सिंह उर्फ बउवा पुत्र लाला सिंह को अपने साथ लिवा ले गया। बताया जाता है कि किसी बात की रंजिश को लेकर राजू ने विश्व भूषण की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया था। घटना के एक हफ्ते बाद पुलिस को कुएं से लाश मिली थी।
शव मिलने पर मृतक के पिता लाला सिंह ने राजू और उसके साथी पर बेटे की हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर राजू को मुख्य अभियुक्त बनाया और विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
एडीजे कोर्ट नंबर दो के न्यायाधीश शंभूनाथ सरोज ने बुधवार को मामले की फाइनल सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता जयपाल वर्मा, मोहम्मद आसिफ मकसूद ने अभियुक्तों के खिलाफ दलीलें और सबूत पेश किए।
अदालत ने राजू को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अधिवक्ता जयपाल वर्मा ने बताया कि दूसरा आरोपी सोहन सबूत के अभाव में बरी हो गया है।