मृतक के कागजों से बन गया शिक्षक
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग का नया कारनामा उजागर हुआ है। एक जूनियर हाईस्कूल में मृतक को शिक्षक बना दिया गया। उसकी जगह दूसरा शख्स नौकरी कर रहा है। आरटीआई के तहत सूचना मांगे जाने के बाद मामले का खुलासा हुआ है। खास बात यह रही कि पैनल से लेकर जिले के जिम्मेदार अफसर फाइल को ओके करते रहे। युवक वेतन भी ले रहा है।
धाता विकास खंड क्षेत्र के खरसेंडवा गांव निवासी शिवलोचन सिंह के इकलौते बेटे संजय सिंह की दो साल पहले मौत हो गई थी। बीमारी के दौरान ही संजय सिंह ने उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित के शिक्षक पद के लिए आवेदन किया था। संजय की मौत के बाद एक करीबी ने मृतक के शैक्षिक अभिलेखों से शिक्षक भर्ती के लिए काउंसलिंग कराकर चयन करा लिया।
बेसिक शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग के बाद 21 सितंबर को उच्च प्राथमिक स्कूल कछरा में नियुक्ति दे दी। इसके बाद से फर्जी शिक्षक वेतन लेने लगा।
खास बात यह है कि तहसीलदार खागा ने पुनरीक्षण आख्या में संजय सिंह की मौत नवंबर 2014 के पहले होना दर्शाया है। पांच जनवरी 2015 को संजय का नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिया गया था।
विभाग ने आवेदन फार्म में चस्पा फोटो का मिलान किए बिना दूसरे युवक को नौकरी दे दी। यह मामला पूर्व बीएसए विनय कुमार के समय का है।
अब बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। मामला सही पाए जाने पर फर्जी संजय सिंह बनकर नौकरी करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए अब तक लिए गए वेतन की वसूली कराई जाएगी।
- जूनियर हाईस्कूल में है तैनाती, दो साल से कर रहा नौकरी, आंख मूंदे रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो