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इंसाफ न मिलने पर गैंगरेप पीड़िता ने खाया जहर, गंभीर

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अमर उजाला ब्यूरो
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कन्नौज। गैंगरेप के मामले में छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करने से आहत पीड़िता ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां मेडिकल परीक्षण कराने के लिए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।

आठ मार्च को कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बकरियां चराते समय 15 वर्षीय किशोरी के साथ गांव के राजबहादुर और विजय सिंह व केशन और नरसिंह ने नदी के पुल के पास ले जाकर गैंगरेप किया था। पीड़िता के पिता ने बताया कि दबाव देकर पुलिस ने दुष्कर्म की तहरीर को बदल कर छेड़खानी की करा दी थी। मेडिकल परीक्षण कराने के नाम पर वह टालमटोल कर रही थी। इसके अलावा आरोपियों की गिरफ्तारी का भी प्रयास नहीं किया। इसी बात से आहत होकर गुरुवार की सुबह पीड़िता ने घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने के बाद परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। यहां इमरजेंसी में इलाज के दौरान परिजनों ने उसका मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की।
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कोतवाली से मेडिकल का लेटर न होने का हवाला देकर चिकित्सकों ने मेडिकल परीक्षण करने से इनकार कर दिया। इसी बात पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देखकर कोतवाली पुलिस ने लेटर बनाकर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता के जहर खाने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस समझौते का दबाव बना रही है। दो दिनों से पुलिस मेडिकल परीक्षण कराने के नाम पर गुमराह करती रही। जबकि आरोपी खुलेआम गांव में उसके परिवार के लोगों को धमका रहे हैं। इससे पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया।
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बोले जिम्मेदार
पीड़िता के परिजनों की तहरीर के आधार पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - हरीश चंदर पुलिस अधीक्षक

- छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर मामले को रफादफा कर रही थी पुलिस
- परिजनों के कहने के बाद भी पुलिस नहीं करा रही थी मेडिकल परीक्षण
- मेडिकल परीक्षण कराने के लिए परिजनों ने जिला अस्पताल में किया हंगामा
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