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ठग बाप दो बेटों संग गिरफ्तार

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगने के आरोपी को पुलिस ने उसके बेटों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी थरियांव में पड़ोसी परिवारों को नशीला लड्डू खिलाकर परिवार संग एक साल पहले फरार हो गया था।

थरियांव थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी रामप्यारे दुकानदार हैं। उनके पड़ोस में एक परिवार किराए में रहता था। रामप्यारे से परिवार के लोगों ने लड़की की शादी के लिए डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। रकम न चुका पाने पर बेटे को बैंक में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। खुद के ससुर को बैंक का चेयरमैन बताया था। उसके सारे कागजात भी ले लिए थे। करीब एक साल पहले प्रसाद के बहाने पड़ोसियों को नशीला लड्डू खिलाकर परिवार फरार हो गया था। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके मामले की छानबीन में जुटी थी।
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थरियांव एसओ बिपिन कुमार सिंह ने शनिवार की रात आरोपी की तलाश में असोथर कस्बे में दबिश दी। पुलिस को चकमा देकर आरोपी व उसके दो बेटे भाग निकले थे। मामले की खबर मिलने पर असोथर पुलिस छानबीन में जुट गई थी। एसओ राजेश मौर्या ने बताया कि सरकंडी के फूलबाग के पास असोथर थाने के रिठवां निवासी रामनरेश मिश्रा उर्फ राजन और उसके बेटे दुर्गेश उर्फ बउवा, राहुल मिश्रा उर्फ शैलेश को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से दो तमंचे, 29 कारतूस, चाकू, पहचान पत्र नौ, दो आधार कार्ड, फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक बरामद हुई। आरोपियों के खिलाफ असोथर पुलिस ने फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज की है। एसओ बिपिन सिंह ने बताया कि वादी ने आरोपियों ने पहचान की है। इन्हीं लोगों ने उसे ठगी का शिकार बनाया था।

खागा में कई लोगों से कर चुका ठगी
नौकरी दिलाने के बहाने आरोपी रामनरेश और उसके बेटों ने कई लोगों को शिकार बनाया था। उसने सभी को थरियांव का पता बताया था। शिकार लोग थरियांव पुलिस के पास पहुंचे थे। ठगी की घटना खागा में होने के कारण पुलिस ने खागा में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भेजा था।

नाम पता बदल लेते थे
आरोपी 11 माह से असोथर कस्बे में भाजपा नेता आनंद मान सिंह के घर में रह रहा था। भाजपा नेता को आरोपी रामनरेश ने खुद को बकेवर के मुसाफा निवासी सुरेंद्र बताया था। पत्नी की टीचर के पद पर असोथर में तैनाती होने के कारण किराए में मकान मांगा था। वह थरियांव में अवधेश बनकर रहता था। हालांकि पुलिस को जांच के दौरान उसका असली नाम रामनरेश उर्फ राजन पता चला था।
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दबिश में हुई चूक दरवाजे तोड़ने पड़े
आरोपी रामनरेश और उसके परिवार के सदस्यों को लेकर असोथर कस्बेवासी कुछ दिनों से संदिग्ध समझने लगे थे। घर से रामनरेश को तमंचा साथ लेकर निकलते लोग देखते थे। इससे उसकी गतिविधि पर ग्रामीणों को शक होने लगा था। थरियांव पुलिस उसे पकड़ने के लिए पहुंची तो वह पड़ोसी के घर चला गया था। पुलिस के आने की भनक लगते ही आरोपी भाग निकले थे। पुलिस सही ठिकाने पर पहुंची तो आरोपी की पत्नी ने दरवाजा बंद कर लिया। काफी हंगामा होने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला। पुलिस ने दरवाजे को तोड़ा। हालांकि बाद में ग्रामीणों के सहयोग से असोथर पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।
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