बिंदकी (फतेहपुर)। निचली गंग नहर से 25 जनवरी को बरामद शव कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र के ज्योति गांव निवासी किशोर की है। मंगलवार को कानपुर से आए पिता दिनेश सिंह ने उसकी पहचान इकलौते पुत्र लकी सिंह (17) के रूप में की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। उसकी हत्या कानपुर के नौबस्ता निवासी जीजा ने की है। कानपुर जिले के शिवली थाने से बुधवार को विवेचक वीरपाल तोमर बिंदकी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया। साक्ष्यों को लेकर कानपुर रवाना हो गए।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के तेंदुली गांव के पास निचली गंग नहर से लकी सिंह का शव बरामद हुआ था। कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र के ज्योती गांव निवासी दिनेश सिंह के अनुसार उनका बेटा लकी सिंह 16 जनवरी की रात घर से निकला था। इसके बाद उसका पता नहीं चला। दिनेश सिंह को कानपुर के नौबस्ता निवासी दामाद सुमित सिंह पर शक जताया था। सुमित सिंह अमृतसर में फौज में तैनात है।
पुलिस ने फौजी सुमित सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात कबूल की। फौजी ने शिवली पुलिस को बताया कि 16 जनवरी की रात फोन कर लकी को बुलाया था। उसे कार में बैठाकर ले गए और बैरी चौराहे पर बीयर पिलाने के बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में साढ़ गोपालपुर गांव के पास निचली गंग नहर में शव फेंक दिया। पूछताछ में बताया कि चार महीने पहले वह छुट्टी पर घर आया था। पत्नी निधि से विवाद होने पर ससुर और साला लकी ने पहुंचकर उसके साथ मारपीट की थी। विरोध करने पर फौजी की बहन को भी पीटा था। बदला लेने के लिए लकी की हत्या की योजना बनाई। उसके साथ दो अन्य साथी भी शामिल रहे हैं।
दिनेश सिंह ने बिंदकी पुलिस को बताया कि दामाद ने बेटे की हत्या प्रापर्टी के लालच में की है। लकी इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद प्रापर्टी का रास्ता साफ हो गया था। बदला लेने का बयान दामाद गलत दे रहा है। उधर, कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की बात सामने आई है। घटना से जुड़े सारे दस्तावेज कानपुर से आए विवेचक को सौंपे गए हैं।