खागा(फतेहपुर)। जनवरी महीने में पंद्रह दिन में तीन जहरखुरानी की वारदात के बाद अब दिनदहाड़े लूट की वारदात से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने घटना की पड़ताल में पड़ोसी जिला कौशांबी के एक गैंग की यहां शरण लेने की बात सामने आई है। गैंग के दो युवकों को कस्बा के एक कुख्यात युवक के साथ देखे जाने की चर्चा है। पुलिस इस चर्चा को संज्ञान में लेते हुए जांच कर रही है।
जनवरी महीने की एक तारीख से 15 के बीच खागा कस्बे में तीन युवक बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें जहरखुरानों ने अपना शिकार बनाया था। तीनों युवकों की जब पहचान हुई तो वह खागा क्षेत्र के ही पाए गए। पुलिस ने फिलहाल इन मामलों को हल्के में लिया है। जिसके चलते न तो एफआईआर हुई और न ही कोई जांच। जबकि खागा पुलिस करीब सालभर पहले ही दो शातिर जहरखुरानों को जेल भेज चुकी है और वह जब जेल से बाहर थे तो खागा क्षेत्र के लोगों को ही अपना शिकार बनाकर सड़क किनारे फेंक देते थे। वहीं अब सोमवार को दिनदहाड़े एक लूट की सूचना ने पुलिस के होश उड़ा दिए है। धाता थाना क्षेत्र के निदौरा गांव में मोबाइल टावर में तैनात आपरेटर मनोज कुमार मूल निवासी छत्तीसगढ़ सोमवार को खागा आया और बाईपास से एक बोलेरो में लिफ्ट लेकर प्रयागराज के लिए निकला था। आरोप है कि दो किलोमीटर बाद ही बोलेरो में बैठे तीन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसका 26 हजार रुपये व एक मोबाइल लूट लिया। उसे सड़क किनारे उतारकर भाग निकले। मनोज कोतवाली पहुंचा और सूचना दी तो पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की। मनोज ने बोलेरो का नंबर बताया तो जांच में वह बाइक का निकला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी गोविंद सिंह चौहान ने बताया कि युवक ने तहरीर नहीं दी है और वह तुरंत ही अपने घर के लिए चला गया है। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है।