फतेहपुर। फर्जी गारंटी वाले दस्तावेजों पर लोडर का लोन देने के एक मामले में एक निजी बैंक के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की पुलिस ने जांच शुरू की है।
ललौली थाने के कोर्रा कनक निवासी राजकुमार सिंह ट्रक चालक हैं। उसे छह माह पहले कोर्ट से सूचना आई थी कि वह एक लोडर फाइनेंस में गारंटर है। यह सुनकर उसके होश उड़ गए। जानकारी के बाद पता लगा कि नउवाबाग रोड स्थित एक निजी बैंक से चांदपुर थाने के कौंह(भगौनापुर) निवासी राजेश कुमार ने लोडर कई साल
पहले फाइनेंस कराया था। लोन की रकम हड़प किया गया है। इसी वजह से उसके पास नोटिस आई है। जिसे जानता पहचानता भी नहीं है। राजकुमार ने बताया कि वह ड्राइविंग लाइसेंस के काम से कभी कभार एआरटीओ दफ्तर आता जाता है। तभी उसका लाइसेंस और पैन कार्ड की फोटो कॉपी आरोपियों ने हथियायी होगी। वह 23
जुलाई 2015 को बैंक के प्रबंधक धर्मेंद्र मिश्रा और सर्वेयर हिमांशु श्रीवास्तव के पास लोन की जांच को पहुंचा। जहां प्रबंधक धर्मेंद्र मिश्रा, सर्वेयर हिमांशु श्रीवास्तव और राजेश कुमार लोडर मालिक कुछ कागजातों में उसके फर्जी हस्ताक्षर बना रहे थे। मौके पर मौजूद अनिल कुमार द्विवेदी, सूरज प्रताप सिंह निवासी कोर्राकनक ने भी यह
नजारा देखा। इसकी सूचना कोतवाली में दी थी। कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की पुलिस अधीक्षक को सूचना दी। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण में पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर धर्मेंद्र, हिमांशु, राजेश कुमार के खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित के वकील राकेश सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़े में आईडी का दुरुपयोग के मामले में कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिया है। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कराई जाएगी।
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