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प्रधान समेत तीन पर एफआईआर

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फतेहपुर। सरकारी योजनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले पूर्व व वर्तमान प्रधानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एक प्रधान रामपुर बरवट ग्राम पंचायत की हैं। जिन पर जेसीबी से मनरेगा का काम कराने का आरोप लगा है।
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इस फजीवाड़े में इनके पुत्र और रोजगार सेवक पद पर तैनात इनकी बहू को भी आरोपी बनाते हुए तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी तरह, पीएम और लोहिया आवास में गड़बड़ी करने के आरोप में पहाड़पुर ग्राम पंचायत के पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले में पंचायत सचिव पहले ही निलंबित हो चुका है।
बहुआ ब्लाक क्षेत्र के रामपुर बरवट ग्राम पंचायत में मनरेगा का काम मशीन से कराना महिला ग्राम प्रधान को महंगा पड़ गया। बीडीओ बहुआ के पद पर तैनात प्रशिक्षु आईएएस नवनीत सेहरा को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी टीम के साथ प्रकरण की जांच की। इसमें शिकायत सही पाई गई। उन्होंने महिला ग्राम प्रधान, उनके पुत्र और रोजगार सेवक पद पर तैनात प्रधान की बहू के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराई है।
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बीडीओ को ग्रामीणों से शिकायत प्राप्त हुई कि रामपुर बरवट गांव में मेन रोड से छेद्दू पटेल के खेत तक करीब चार मीटर चौड़े रास्ते की रात में जेसीबी मशीन से पुराई कराई गई है। उन्होंने एडीओ अनूप सिंह ने टीम के साथ गांव जाकर प्रकरण की जांच की।
इसमें जेसीबी मशीन से चार मीटर चौड़े मार्ग की पुराई मिली और मनरेगा के मस्टर रोल के साथ जो फोटो लगाई गई, उसमें दूसरे स्थान के काम की फोटो पाई गई। इस पर एडीओ ने महिला प्रधान सुमित्रा सिंह तोमर, उनके प्रतिनिधि व पुत्र कीर्तिमान सिंह उर्फ पंकज सिंह और रोजगार सेविका व प्रधान की बहू सारिका सिंह तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
इसी तरह, प्रधानमंत्री और लोहिया आवास में फर्जीवाड़े के मामले में प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पहाड़पुर ग्राम सभा के रामचंद्र शुक्ला समेत कई लोगों ने 2016 से 2018 के बीच फर्जीवाड़ा कर आवास आवंटन करने का आरोप लगाया था।
शिकायत के बाद पंचायत सचिव संजय श्रीवास्तव, एडीओ धनराज कोटार्य और एडीओ शरद विक्रम की तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। जिसमें यह साबित हुआ कि चार पीएम और लोहिया आवास फर्जी आधार कार्ड लगाकर गलत लोगों को दे दिए गए। जांच में साबित हुआ कि रामबली, दुर्गा प्रसाद, वीरेंद्र वास्तविक लाभार्थी थे। इनको आवास न देकर अवधेश, चंदनिया, सत्यवती, रानी देवी को आवास दिए गए।
इन सभी के फर्जी आधार कार्ड बनाए गए। प्रकरण में एक माह पूर्व पंचायत सचिव दिनेश कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया था। मंगलवार को इस मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान मदन सिंह पर परियोजना निदेशक की ओर से एफआईआर के आदेश दिए गए। फर्जी आधार कार्ड प्रधान मदन सिंह ने बनवाए थे और उन्हें बाद में आवास उपलब्ध कराए। थानाध्यक्ष पंधारी सरोज ने बताया रिपोर्ट दर्ज की गई है मामले की जांच की जा रही है।
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