खागा। बैंकों के अंदर से पैसा लेकर निकलने वाली महिलाओं की रेकी करने और फिर पलक झपकते ही उनके रुपये उड़ाने वाली तीन महिलाओं को जेल भेज दिया गया। उन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। इन महिलाओं के साथ मौजूद बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया गया है।
कस्बे के कैनाल रोड की रहने वाली मंजू देवी बुधवार को एसबीआई खागा से 40 हजार रुपये निकालकर बाहर आईं और एक दुकान से पिचकारी खरीदने लगीं। तभी तीन महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और उनके पर्स से 20 हजार रुपये निकाल लिए। मंजू को शक हुआ तो उसने दुकानदार की मदद से तीन महिलाओं को पकड़ लिया।
पुलिस ने तीन महिलाओं व एक बच्ची को हिरासत में लिया और कोतवाली लेकर आए। मंजू देवी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ रुपये चोरी का मुकदमा दर्ज किया। इनकी पहचान जूली भनेरिया पत्नी बादल, सुनीता पत्नी रामबाबू निवासीगण कड़ियासारी थाना बोड़ा, जिला राजगढ़, मध्य प्रदेश व श्वेता पुत्री सुधीर निवासी गुलखेड़ी थाना बोड़ा जिला राजगढ़ के रूप में हुई है। नाबालिग बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया गया है।
चौकी इंचार्ज आरके पांडेय ने बताया कि नाबालिग बच्ची आरोपी श्वेता की छोटी बहन है, जो उसके साथ आई थी। घटना की जांच में उसकी भूमिका नहीं मिली है। ऐसे में बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया गया है। अन्य तीन को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। तीनों महिलाएं बैंक के अंदर घुसकर पहले रेकी करती थीं।जिस महिला के पास अधिक रुपये होते थे उसे ही अपना शिकार बनाती थीं। सीसीटीवी फुटेज में तीनों एसबीआई के अंदर रेकी करती देखी गई हैं।