धाता। शराब पीने के बाद घर पहुंचे एक ही गांव के दो लोगों की कुछ घंटे के अंतराल में मौत हो गई। दोनों की मौत से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मिलावटी शराब पीने से मौत होने की आशंका जताई है। पुलिस और प्रयागराज आबकारी उपायुक्त मौके पर जांच करने पहुंचे। टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद मौत शराब पीने के कारण न होना माना है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया है।
थानाक्षेत्र के मखौवा गांव निवासी रामप्रताप निषाद (55) और जगदीश पाल उर्फ सुद्धू (32) शुक्रवार रात करीब नौ बजे शराब के नशे में घर लौटे। रात करीब 12 बजे कुछ देर के अंतराल में दोनों की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने 108 नंबर मिलाया लेकिन काफी देर बाद एंबुलेंस की मदद मिल सकी। धाता ब्लाक से एंबुलेंस करीब तीन बजे रामप्रताप के दरवाजे पहुंची। लेकिन तब तक रामप्रताप की सांसे थम चुकी थीं। एंबुलेंस जगदीश को लेकर जाने लगे लेकिन तब तक उसकी भी मौत हो गई। गांव में दो लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह सुबह मौके पर पहुंचे। जगदीश के परिजनों ने मिलावटी शराब पीने से मौत होने का आरोप लगाया। प्रयागराज से आबकारी उपायुक्त एके सिंह, जिला आबकारी अधिकारी एसके तिवारी, खागा आबकारी निरीक्षक संदीप त्रिपाठी पहुंचे। टीम ने परिजनों और ग्रामीणों के बयान लिए। आबकारी अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में शराब पीने से मौत का मामला नहीं आया है। एसपी सतपाल आंतिल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। बिसरा सुरक्षित कराया गया है।
मृतक रामप्रताप निषाद की पत्नी मोहनिया आंगनबाड़ी सहायिका है। मृतक के नाम पर ढाई बीघा खेत हैं। वह कृषि कार्य और मजदूरी करता था। पुलिस जब रामप्रताप का शव उठाने लगी तो परिजनों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उधर, मृतक जगदीश पाल मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। वह एक माह पहले मुंबई से लौटा था और मजदूरी कर परिवार चला रहा था। परिजनों ने पुलिस को दी लिखित सूचना में दोनों के बीमार होने की बात कही है।
ह्यह्य
मखौवा गांव के आसपास शराब ठेका नहीं है। इन दिनों रानीपुर तीन मौरंग खंड संचालन के चलते शराब की खपत बढ़ गई है। शराब ठेका मखौवा से करीब पांच किमी की दूरी पर है। इस वहज से शाम होते ही कुछ लोग बाइकों से शराब लेकर खदान के आसपास घूमते रहते हैं। दाम बढ़ाकर शराब धड़ल्ले से बेची जाती है। देशी ठेके शराब के साथ मिलावटी शराब पहुंचाई जाती है, इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है। नकली शराब कई बार जिले में पकड़ी भी जा चुकी है।