फतेहपुर। गाजीपुर थाना क्षेत्र में लगातार सामने आ रही साइबर अपराधियों की गतिविधियों को लेकर पुलिस ने अंदरखाने जांच तेज कर दी है। साइबर ठगों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कानपुर तक दबिश देने की तैयारी भी की जा रही है। वहीं शाह पुलिस की भूमिका भी एक साइबर अपराधी की बाइक छोड़ने के बाद ग्रामीणों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
शाह कस्बा निवासी जन सेवा केंद्र संचालक मोहित गुप्ता के खाते में चार जुलाई को कटका गांव के दो युवकों ने साइबर धोखाधड़ी के 15 हजार रुपये ट्रांसफर कराए थे। इसके बाद दोनों 14 हजार रुपये नकद लेकर चले गए थे। शक होने पर संचालक ने दोनों का वीडियो बना लिया था। बाद में उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया। जांच में पता चला कि रुपये वाराणसी जिले के एक व्यक्ति के साइबर धोखाधड़ी वाले खाते से भेजे गए थे। संचालक ने युवकों की तलाश कर रुपये वापस ले लिए थे।
चौकी क्षेत्र के मिनी जमताड़ा के रूप में चर्चित भगवानपुर गांव निवासी अर्जुन ने बीमारी का झांसा देकर एक छात्र के बैंक खाते में 10 मई को एक लाख 38 हजार रुपये मंगवाए थे। पुलिस से सुनवाई नहीं होने पर छात्र के परिजन ने 17 जुलाई को काजीपुर मार्ग पर अर्जुन को उसकी भाभी के साथ जाते समय घेर लिया था। इस दौरान अर्जुन बाइक छोड़कर भाग निकला था। ग्रामीणों ने बाइक शाह चौकी पुलिस को सौंप दी थी। आरोप है कि पुलिस ने मामले की पूरी जानकारी किए बिना ही बाइक छोड़ दी।
इन दोनों मामलों को लेकर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस ने कटका के एक युवक को पकड़ा है। उससे पूछताछ के बाद कानपुर में दबिश की तैयारी की जा रही है। हालांकि साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक मो. कमर खान ने बताया कि इस तरह के किसी मामले की जांच नहीं की जा रही है।
भगवानपुर में कानपुर के साइबर अपराधियों का जमावड़ा
बीते दिनों कानपुर में साइबर अपराध का खुलासा हुआ है। कानपुर पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हुई है। इधर गाजीपुर थाना क्षेत्र के मिनी जमताड़ा के नाम से चर्चित भगवानपुर गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। ग्रामीणों में चर्चा है कि भगवानपुर के कई साइबर अपराधियों की कानपुर में पुरानी रिश्तेदारियां हैं। पूर्व में भी कानपुर और भगवानपुर के साइबर अपराधी एक साथ पकड़े जा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कानपुर के कुछ साइबर अपराधियों ने भगवानपुर में शरण ले रखी है। साइबर अपराधियों के घरों के बाहर महंगी और रेसर बाइकें कवर से ढकी खड़ी रहती हैं। कुछ माह पहले पकड़े गए भगवानपुर के साइबर अपराधी जेल से छूटने के बाद गांव लौटे हैं।