फतेहपुर। कोरोना को मात देने के लिए टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग जी जान से जुटा है। युद्ध स्तर पर प्रयास चल रहे हैं लेकिन इस आपाधापी में ऐसे लोगों के भी टीका लग गया, जिनकी कोविड के चलते मौत हो चुकी है। उनके परिजनों को जब मृतकों के मोबाइल नंबरों पर टीका लगने का मैसेज मिला तो वे हैरत में पड़ गए। यहीं नहीं टीका लगाने के दौरान कुछ लोगों के पहचान पत्र भी छेड़छाड़ की गई है।
खागा कस्बे के ब्राह्मण टोला निवासी वैभव द्विवेदी तब आश्चर्य में पड़ गए, जब वे कोरोना टीका लगवाने हरदों सीएचसी खागा पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि उनका नाम व पता पहले ही टीका लगवाने वालों की सूची में दर्ज है। यही नहीं पहचान पत्र के रूप में उनका पासपोर्ट लगाया गया है, जबकि उन्होंने कभी पासपोर्ट बनवाया ही नहीं। इसी तरह पहले भी ऐसे केस सामने आ चुके हैं, जब गलत नाम, पते और पहचान पत्र के आधार पर कागजों पर टीका लगा दिया गया हो। जब लोग टीका लगवाने पहुंचते हैं, तब हकीकत सामने आती है।
इस मामले में जब सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाम, पते में गड़बड़ी तो कई बार फीडिंग के दौरान सर्वर में खराबी की वजह से हो जाती है। मृतकों के टीकाकरण की बात उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी, यदि शिकायत सही मिलती है तो गड़बड़ी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खागा कस्बे के जीटी रोड चौराहे के पास रहने वाले सुभाष कोहली की एक माह पूर्व मृत्यु हो चुकी है। हाल ही में पुत्र सौरभ कोहली को उनके पिता के मोबाइल नंबर पर उनके टीका लगने का मैसेज मिला। जिसे देखकर वह हैरत में पड़ गए। सुभाष कोहली व्यवसायी थे।
खागा कस्बे के ही रामनगर के आशीष केसरवानी को भी उनकी दिवंगत मां पुष्पा केसरवानी के कोरोना टीका लगने का मैसेज प्राप्त हुआ। जबकि उनकी मां की डेढ़ माह पहले ही मौत हो चुकी है। जिसे देख वे दंग रह गए। उन्होंने सीएचसी में इसकी शिकायत भी की है।