फाइल फोटो-27-रामआसरे। स्रोत: परिजन
बहुआ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के चबूतरे पर पेटदर्द से पीड़ित मरीज की बुधवार को करीब आधे घंटे तड़पने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों और चेयरमैन के प्रतिनिधि ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। हालांकि बाद में परिजन शव घर ले गए।
ललौली थाना क्षेत्र के बहुआ कस्बे के आजाद नगर निवासी रामआसरे कुशवाहा (50) अविवाहित थे और हलवाई का काम करते थे। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे अचानक पेट दर्द होने पर परिजन उन्हें पीएचसी लेकर पहुंचे। भतीजे हरिश्चंद्र ने बताया कि मरीज को परिसर के चबूतरे पर लिटाकर इलाज के लिए स्टाफ को बुलाया गया लेकिन कोई कर्मी नहीं आया।
इस दौरान करीब आधे घंटे तक तड़पने के बाद उनकी मौत हो गई। आरोप है कि पीएचसी प्रभारी डाॅ. शैलेंद्र गौतम मौजूद होने के बावजूद स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया। सूचना पर चेयरमैन के प्रतिनिधि कामता सोनी पहुंचे और चिकित्सक व स्टाफ को कर्तव्य पालन की नसीहत दी।
उन्होंने मामले की सीएमओ से फोन पर शिकायत की। ग्रामीणों आलोक गौतम, राजू, संतोष कुमार, अनिल कुमार, आजम, इदरीस आदि ने आरोप लगाया कि पीएचसी में डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं और मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। डॉ. शैलेंद्र गौतम ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वे लंच के बाद बाहर आए थे उस समय कोई मरीज दिखाई नहीं दिया।
फाइल फोटो-27-रामआसरे। स्रोत: परिजन