सूखा और बारिश से बर्बाद किसानों के लिए मुआवजे की रकम नाकाफी है। किसानों ने बताया कि खाद बीज की रकम भी नहीं निकल रही है।
बीमा कंपनी व स्तर पर किसानों को मदद का सिलसिला शुरू हो चुका है। बीमा कंपनी खरीफ की फसलों में बर्बाद 25106 किसानों को 14 करोड़ 21 लाख रुपये से भरपाई करेगी और शासन से मिले धनराशि के प्रथम चरण में सदर तहसील में 31 लाख रुपये, बिंदकी और खागा तहसील में 30-30 लाख रुपये से किसानों की बर्बाद ह्रुई फसलों की भरपाई की जाएगी। इसमें सदर तहसील के ओती गांव में राजस्व कर्मियों ने 202 किसानों के बैंक खाते में धनराशि भी भेज दिया है।
फतेहपुर जिले का 4152 वर्ग किमी का क्षेत्रफल है। इसमें दो लाख 88 हजार 731 हेक्टेयर कृषि योग्य है, एक लाख 96 हजार 978 हेक्टेयर सिंचित भूमि और 91 हजार 753 हेक्टेयर असिंचत कृषि योग्य भूमि है। जिले में करीब ढाई लाख छोटे, मंझोले और बड़े किसान खेती करते है, जिसमें खरीफ की फसल में करीब 88 हजार हेक्टेयर में किसानों ने धान का आच्छादन किया था, जिसमें केसीसी के माध्यम से 25 हजार 106 किसानों का फसल बीमा के प्रीमियम की धनराशि जमा की गई थी। इसी प्रकार रबी की फसल में एक लाख 76 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 41 हजार 896 हेक्टेयर में चना, 1213 हेक्टेयर में मसूर, 17 हजार 746 हेक्टेयर में राई, 19 हजार 473 हेक्टेयर में अरहर, 5 हजार हेक्टेयर में मटर, 9 हजार हेक्टेयर में आलू का आच्छादन किया गया है, जिससे किसान अपने परिवार के साथ अन्य परिवारों की जीविका के लिए अन्न पैदा करता है। खरीफ की फसल में सूखा और रबी की फसल में बारिश ने किसानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है, जिसमें शासन और कृषि बीमा कंपनी बर्बाद किसानों को मुआवजे के नाम का मरहम लगा रही है। किसानों की माने तो मुआवजे की धनराशि से किसानों के खाद बीज की रकम भी नहीं निकल रही है। ऐसे में किसान बैंक से लिए गए धनराशि का ब्याज भी चुकाने में असमर्थ है।
रिपोर्ट तैयार करने में लेखपाल ने की धांधली
भाजपा जिला उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह गौतम के नेतृत्व में एक दर्जन किसानों ने बुधवार को एडीएम को शिकायती पत्र दिया, जिसमें हल्का लेखपाल ने ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों की रिपोर्ट बनाने में धांधली का आरोप लगाया। शासन से घोषित मुआवजे की धनराशि का सही लाभ नहीं मिल रहा है।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि असोथर ब्लाक के ओती गांव में मंगलवार किसानों को मुआवजे की चेक वितरित की गई है, जिसमें गांव किसान जितेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, सावित्री देवी को मुआवजे में 900-900 रुपये की धनराशि दी गई है। जबकि इन लोगों के बराबरी के ही किसान बलराम सिंह, बलस्टर सिंह को 14-14 हजार रुपये की चेक दी गई है। गांव के किसान जितेंद्र सिंह ने हल्का लेखपाल रहिमाल पर आरोेप लगाया कि रिपोर्ट तैयार करने में लेखपाल ने रुपये की मांग की थी लेकिन रुपया न मिलने पर बर्बाद फसलों की रिपोर्ट मनमानी तरीके से तैयार करके शासन को दी है। इस मौके पर किसान जगरतन सिंह, राजबहादुर सिंह, रावेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, सुखवीर सिंह, बतास सिंह, शान्ति देवी, महेश सिंह, शिव सहाय, दिलीप सिंह आदि रहे।