जहानाबाद कस्बे के गरिमा कोल्ड स्टोर में रविवार रात पौने नौ बजे अमोनिया गैस के रिसाव से आसपास के लोग बेचैनी महसूस करने लगे। भगदड़ मची तभी कोल्ड स्टोर का ऊपरी तल भरभरा कर ढह गया। जिस वक्त हादसा हुआ, मौके पर तमाम मजदूर थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे में करीब दर्जन भर मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई है। सूचना पर पुलिस व प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंच गए हैं। अमोनिया गैस का असर करीब ढाई सौ मीटर तक फैल जाने से कोल्ड स्टोर के आसपास के इलाके को ब्लॉक कर दिया गया है। पांच एंबुलेंस मुस्तैद कर दी गई हैं। फायर बिग्रेड की भी गाड़ी पहुंच चुकी है। हालांकि रिसाव के चलते अभी कोल्ड स्टोर के अंदर बचाव कार्य नहीं शुरू हो सका है। अमोनिया की गंध कमजोर होने का इंतजार किया जा रहा है। अभी जिले के कोई अफसर इस बारे में स्पष्ट बता पाने में सहज नहीं हैं।
घाटमपुर के राघवेंद्र सिंह का यह कोल्ड स्टोर अमौली रोड पर कस्बे से दो किलोमीटर दूर स्थित है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज आवाज के साथ गैस की दुर्गंध फैली और कोल्ड स्टोर का ऊपरी तल ढह गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, आलू की लदान का काम चल रहा था। बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा भरभराने के साथ अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए कलाना गांव की ओर भागते देखे गए। भाग रहे मजदूर इतनी दहशत में थे कि वह कुछ बताने की स्थिति मेें नहीं थे। ऐसा माना जा रहा है कि ढही बिल्डिंग के नीचे दर्जन भर से ज्यादा मजदूर हो सकते हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
अलबत्ता कयासबाजी जरूर लगाई जा रही है। पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से अमौली-जहानाबाद रोड का आवागमन पूरी तरह से रुकवा दिया है। जिसके बाद वाहन जहां का तहां खडे़ हो गए हैं। पैदल निकलने वाले भी निकलने नहीं दिए जा रहे हैं। दहशत का आलम यह है कि आसपास के गांवों के लोग संशय में हैं। लोग एक दूसरे से हालातों के बारे में पता लगाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। बिंदकी सीओ आरके वर्मा पूरी टीम के साथ मुस्तैद हैं। रिसाव के चलते दुर्गंध का दायरा धीरे-धीरे बढ़ते जाने से बचाव का काम एक घंटा बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है।