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Fatehpur News: कागजों पर सफाई, हकीकत में बिना झाड़ू चलाए 3.86 लाख साफ

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फोटो-22-सड़क किनारे फैली गंदगी। संवाद - फोटो : सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं।
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फतेहपुर। मलवां औद्योगिक क्षेत्र में सफाई के नाम पर सरकारी धन के हेरफेर का मामला सामने आया है। जंगल और मैदान की सफाई का दावा कर कागजों में जेसीबी, ट्रैक्टर ट्राॅली और मजदूरों की फौज उतार दी गई। हकीकत में मौके पर झाड़ू तक नहीं चली।
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बिना किसी भौतिक सत्यापन के यूपीसीडा ने ठेकेदार को कुल 3,86,366 रुपये का भुगतान कर दिया। आरटीआई से यह खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री पोर्टल और जिलाधिकारी से शिकायत की गई है।
युवा विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र ने आरटीआई के माध्यम से यूपीसीडा से औद्योगिक क्षेत्र में कराई गई सफाई और इस्तेमाल किए गए संसाधनों की जानकारी मांगी थी।
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यूपीसीडा के अनुसार जंगल की सफाई के नाम पर सात रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से 48,231.47 रुपये खर्च दिखाए गए। मैदान की सफाई और घास कटाई के लिए 14 रुपये प्रति स्क्वायर फीट की दर से 1,60,771.66 रुपये का भुगतान दर्शाया गया।
ट्रैक्टर ट्राॅली और चालक पर 1,817 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 83,582 रुपये, ट्रैक्टर ट्राॅली के साथ उपलब्ध कराए गए मजदूरों पर 552 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 20,976 रुपये और कार्य की देखरेख के लिए एक मेठ को 557.75 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 10,839 रुपये खर्च दिखाए गए।
जेसीबी मशीन को चालक सहित 1,150 रुपये प्रति घंटे की दर से चलाने का खर्च 92,000 रुपये दर्शाया गया। इन सभी मदों को जोड़कर ठेकेदार ने कुल 4,15,600 रुपये का बिल प्रस्तुत किया था। इसमें से कुछ कटौती के बाद 3,86,366 रुपये का भुगतान कर दिया गया।
आरटीआई और लोगों के अनुसार ठेकेदार की ओर से प्रस्तुत बिलों का कोई सत्यापन नहीं किया गया। मलवां औद्योगिक क्षेत्र में न तो जंगल की सफाई हुई और न ही मैदान पर काम नजर आया।
इस मामले में युवा विकास समिति के अध्यक्ष ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई और डीएम को भी अवगत कराया। डीएम रविंद्र सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फोटो-22-सड़क किनारे फैली गंदगी। संवाद- फोटो : सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं।

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