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कूड़े से खाद बनाकर होगी गांवों की कमाई

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फतेहपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे का प्रबंधन किया जाएगा। कचरे से खाद बनाकर ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाई जाएगी। पहले चरण में जिले के 81 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। इसमें 66 राजस्व गांव पांच हजार आबादी से कम वाले और 15 राजस्व गांव पांच हजार से ज्यादा की आबादी वाले हैं। कचरा प्रबंधन के लिए 45 करोड़ 28 लाख रुपये ग्राम पंचायतों में खर्च किया जाएगा।
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जिले में 834 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया जा रहा है। अब ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट, सोख पिट बनाई जाएंगी। इसके बाद ग्राम पंचायतों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग करके जैविक खाद तैयार की जाएगी। इस वित्तीय वर्ष में 274 राजस्व गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ प्लस) बनाया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक विश्वनाथ तिवारी ने बताया कि पांच हजार तक की आबादी वाले गांवों को 60 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से ठोस प्रबंधन के लिए और तरल प्रबंधन के लिए 280 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से धनराशि खर्च की जाएगी। जिन गांवों की आबादी पांच हजार से अधिक है, वहां ठोस प्रबंधन में 45 रुपये और तरल प्रबंधन में 660 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से खर्च किया जाएगा।
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कचरे में निकलने वाले प्लास्टिक, धातु, कागज, कपड़े, थर्माकोल को अलग कर बेचा जाएगा। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, व घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सोखता पिट बनाकर निस्तारित किया जाएगा। गोबर व अन्य कचरे को बर्मी कंपोस्ट पिट बनाकर खाद तैयार होगी।
ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की योजना शुरू की गई है। पहले चरण में जिले के 81 राजस्व गांवों का चयन किया गया है। इसके लिए शासन से बजट भी मिल चुका है। जल्द ही योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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- निधि बंसल, जिला पंचायत राज अधिकारी
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