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इंतजार खत्म, जल्द भरिए किशनपुर पुल पर फर्राटा

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यमुना पक्का पुल के अंतिम दो पिलरों पर हो रहा काम। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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किशनपुर। खागा तहसील को बांदा से जोड़ने के लिए किशनपुर में यमुना नदी पर बन रहे पक्के पुल का काम अपने अंतिम चरण पर है। सेतु निगम की ओर से जून में काम खत्म करने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सड़क व पुल तक अप्रोच बनाएगा।
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किशनपुर-दांदो यमुना पुल बनने के बाद से दोनों तरफ के लोगों के लिए व्यापार, इलाज, शिक्षा के लिए आवागमन सहज होगा। पिछले कई साल से लोगों को इस पुल के निर्माण का इंतजार है। अभी तक किसी न किसी कारण से लोगों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। फिलहाल राहत वाली खबर यह है कि किशनपुर की ओर अंतिम दो पिलर पर पुल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। बांदा की ओर सड़क, पुल, पिलर सब कुछ बनकर तैयार हो चुका है। सेतु निगम ने 15 जून तक काम खत्म कर लेने का दावा किया है। इसके बाद केवल लोक निर्माण विभाग का काम बचेगा।
किशनपुर-दांदो यमुना पुल के निर्माण की शुरुआत अक्तूबर 2016 में हुई थी। पुल बनकर तैयार होने की समयसीमा दिसंबर 2020 रखी गई थी। बाद में यह समयसीमा बढ़ाकर जून 2021 कर दी गई। अभी तक करीब 91 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
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पुल बनाने की शुरुआत में इसका बजट 67 करोड़ रुपये था। पुल की लंबाई 943 मीटर रखी गई थी। इसमें 28 पिलर बनाए जाने थे। निर्माण के दौरान पुल को अधिक लंबा करने की जरूरत समझी गई। इसके लिए रिवाइज्ड बजट की मांग की गई। शासन ने इसे हरी झंडी दी और बजट 67 करोड़ से बढ़कर 91 करोड़ 86 लाख 70 हजार रुपये हो गया। पुल में चार पिलर और बढ़ाए गए। इसके साथ ही पुल की लंबाई 1033 मीटर हो गई है।
यमुना पुल बांदा की ओर से लगभग बनकर तैयार हो चुका है। सेतु निगम ने बैरियर के जरिए रास्ते को ब्लॉक कर रखा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि किशनपुर की ओर अभी पुल तैयार नहीं है। बैरियर हटने से रात को कोई भी हादसे का शिकार हो सकता है। विभाग की ओर से यह बताया गया कि जैसे ही पुल का काम खत्म होगा और पीडब्ल्यूडी पुल तक मिट्टी की पुराई करा देगा तो पैदल यात्रियों के लिए इसे खोलने पर विचार होगा। यमुना पार से बच्चे स्कूल नाव पर बैठकर आते हैं। इसलिए सबसे पहले बच्चों को यह सुविधा दी जाएगी। सड़क बनने के बाद वाहनों का आवागमन शुरू कराया जाएगा।
किशनपुर की ओर पिलर निर्माण के दौरान यहां की जमीन के नीचे पत्थरों की अधिकता के कारण निर्माण की रफ्तार धीमी हो गई थी। पत्थरों से निपटने के लिए सेतु निगम ने दूसरे इंजीनियरों की टीम को मौके पर बुलाकर विचार-विमर्श किया। इस बाधा को दूर करने के लिए उपकरणों की संख्या भी बढ़ानी पड़ी थी।
किशनपुर के ईंट-भट्टा कारोबारी शंकर सिंह ने कहा कि पक्का पुल नहीं होने से कारोबार बहुत अधिक प्रभावित होता है। यह हाल सभी कारोबारियों का है। इस बार पीपा पुल देर से बना है। इस कारण काफी नुकसान हुआ है। किशनपुर निवासी लालचंद्र कहते हैं कि पक्के पुल का इंतजार कई साल से लोगों को है। लोग यह मानकर चल रहे हैं कि पुल किशनपुर में रोजगार की नई उम्मीद बनेगा। पुल शुरू होगा तो निश्चित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
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सेतु निगम की ओर से दो पिलर पर पुल बनाने का काम चल रहा है। निगम जून में अपना काम खत्म कर लेगा। इसके बाद लोक निर्माण विभाग का काम बचेगा।
- पीके पांडेय, जनरल मैनेजर (किशनपुर पक्का पुल)
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