थरियांव थाना क्षेत्र के रमवां गांव में केरोसिन से लगी आग में वृद्ध महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा घर में बच्चे के खेलते समय केरोसिन से भरी बोतल के गिरने से हुआ। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर सीओ समेत थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। हादसे में परिवार के अन्य लोगों की जान भी जोखिम में पड़ गई थी। मशक्कत के बाद महिला व दो बच्चों को बचा कर जिला अस्पताल भेजा गया।
रमवां गांव निवासी जयकरन सिंह के तीन बेटे सूर्यभान, उदयभान व चंद्रभान हैं। तीनों बेटे परिवार के साथ एक ही मकान में अलग-अलग रहते हैं। गुरुवार को जयकरन की पत्नी पत्नी श्यामकली (70) चूल्हा जला रही थी। तभी चंद्रभान का तीन वर्षीय पुत्र ओम खेलते-खेलते दादी के पास पहुंच गया। चूल्हे के पास में रखी केरोसिन की बोतल ओम का हाथ लगने से गिर गई। केरोसिन गिरने से चूल्हे में तेज लौ उठी और छप्पर में आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में पूरा घर आग की चपेट में आ गया। घटना देखकर शीलू देवी पत्नी उदयभान ने चीख पुकार मचाई। चीख पुकार सुनकर परिवार के लोग घर के अंदर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। इसी दौरान शीलू ने अपने मासूम बच्चों छोटी, स्नेहा और भतीजे ओम की किसी तरह से जान बचाई और बाहर आ गई। वहीं आग के लपटों में घिरी वृद्धा की मौत हो गई। वहीं आग की चपेट में आने से झुलसी महिला शीलू और मासूम बच्चों को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। सूचना पर सीओ मदन सिंह और थरियांव थाना के एसआई अंगद सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। लेकिन परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया है।
इंसेट
बाइक समेत तीन परिवारों की गृहस्थी नष्ट
रमवां गांव के जयकरन सिंह के घर में आग लगने से तीन लोगों की गृहस्थी नष्ट हो गई है। एक ही घर में अलग-अलग जयकरन और उसके बेटों उदयभान और चंद्रभान के अपने परिवारों के साथ रहते हैं। इससे तीनों परिवारों की गृहस्थी भी अलग-अलग रही है। दोनो भाइयों की घटना में बाइकें और खाद्य सामाग्री, कपड़े समेत सारी गृहस्थी तहस नहस हो गई है।