ब्यूरो में अपना पक्ष रखते लोग।
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पुलिस लाइन में बिछुड़े दंपतियों को मिलाने के लिए रविवार को ऐच्छिक ब्यूरो का आयोजन हुआ। जिसमें सात मामले निपटाए गए। चार जोड़े एक साथ रहने को राजी हुए। वहीं एक मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और तीन पुराने मामलोें की सुनवाई निरस्त की गई।
मलवां थाना क्षेत्र के एक युवक ने अपनी पत्नी को बुलाने के लिए अर्जी लगाई थी। दोनों पक्ष ब्यूरो में हाजिर हुए। महिला का मायका बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में है। उसकी 15 साल पहले शादी हुई थी और एक बेटी व दो बेटे हैं। पति को छोड़कर महिला दो साल से दूसरे के संग रह रही थी। महिला पर उसके पिता और ब्यूरो के सदस्यों ने दबाव बनाया। उसके बाद तीनों बच्चोें का वास्ता दिया गया। इसके बाद महिला कुछ दिनों के लिए घर लौटने को राजी हुई। एसओ प्रतिमा सिंह ने बताया जब महिला घर में रहने को पूरी तरह राजी हो जाएगी तब उसके मामले का निस्तारण माना जाएगा।
फिलहाल उसे राजी कर घर भेजा गया है। दूसरा मामला औंग थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां के सोनू की पत्नी अपने मायके घाटमपुर मूसानगर में एक साल से रह रही थी। उसने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उनके मामले का निस्तारण कराया गया। उधर थरियांव थाना क्षेत्र एक गांव निवासी राजू पटेल और उसकी पत्नी के बीच तनाव था। महिला अपने मायके पटेल नगर में काफी दिनों से रह रही थी। थरियांव के ही रामबालक और उसकी को एक साथ रहने के लिए राजी किया गया। इस मौके पर सीओ पुर्णेंदु सिंह, महिला एसओ प्रतिमा सिंह, शारदा मिश्रा, ऋषिराज त्रिपाठी व ब्यूरो के सभी सदस्य मौजूद रहे।