अपहरण मामले में बेटे के जेल जाने से आहत माता-पिता ने जहर खाकर जान दे दी। सुबह दोनों का शव खेत में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। बताया जाता है कि बेटे की तरतूत की वजह से कुछ समय पहले उसके पिता को भी जेल जाना पड़ा था।
ललौली थाना क्षेत्र के हरियापुर गांव में 27 जुलाई को एलआईसी एजेंट रामकिशोर प्रजापति के बेटे दीपक का अपहरण हो गया था। पुलिस ने जाल बिछाया तो अपहरणकर्ता किशोर को उसके घर के पास छोड़ दिए। जांच पड़ताल के बाद अपहरण के आरोप में पुलिस ने उन्नाव निवासी राजू सोनी, कल्लू एवं एलआईसी एजेंट रामकिशोर के पड़ोसी वीरेंद्र प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। वीरेंद्र के जेल जाने के बाद उसके पिता रामपाल (50) एवं माता भुलिया देवी(48) माता-पिता से गांव के लोगों ने बातचीत बंद कर दिया। उन्हें ताने मिलने लगे। इस पर वे एक दिन पहले अपनी बेटी के घर चले गए। वहां से लौटे तो घर जाने के बजाय खेत में ही रूक गए। गुरुवार सुबह खेत में दोनोें का शव मिला। मुंह से झाग निकल रहा था और पास में जहरीले पदार्थ की शीशी पड़ी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई।