हरदों सीएचसी में अव्यवस्थाएं हावी हैं। डाक्टरों के नियमानुसार न आने से स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। कहने को मरीजों के लिए 30 बेड हैं लेकिन व्यवस्थाएं दस बेड के बराबर भी नहीं हैं। 12 बजते ही डाक्टर अपनी कुर्सी छोड़ देते हैं। सीएचसी में मौजूदा स्टाफ 40 है। जिसमें 20 संविदा और 20 स्थायी कर्मचारी हैं।
शनिवार को अमर उजला टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाएं देखी तो दोपहर 12 बजे सीएचसी प्रभारी की कुर्सी खाली थी।
चेंबर खाली था। स्टोर रूम में ताला बंद था। पास बने लैब कक्ष में एलटी राजेश कुमार मरीजों की जांच कर रहे थे। डा. एके खन्ना मरीजों को देखने में व्यस्त थे। नेत्र सर्जन डा. सीपी दिवान, कुक धर्मेंद्र सिंह मरीजों को पर्चा बनाने में लगे थे। अस्पताल में तैनात कई लोग नहीं दिखे। डिप्टी सीएमओ भूपेश द्विवेदी का कहना है कि लापरवाह डाक्टरों व कर्मचारियों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।