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चौरीचौरा के यात्रियों के चेहरे में दिखा खौफ

Wed, 20 Apr 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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आग लगने से इंजन से निकलता धुआं।
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गोरखपुर से कानपुर आ रही चौरीचौरा ट्रेन के इंजन में सुजातपुर स्टेशन के पास आग लगने का यात्रियों में खौफ दिखाई पड़ा। चार घंटे से भी अधिक विलंब से स्टेशन पहुंची ट्रेन के रुकते ही यात्री प्लेटफार्म पर नीचे आ गए।  यात्रियों में मौत का खौफ साफ दिखाई दिया।
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यात्रियों का कहना था कि मौत के नजदीक अहसास करके आए हैं। फतेहपुर स्टेशन पर चौरीचौरा अपने निर्धारित समय से 4.15 मिनट की देरी से आई। वहीं आग की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने अप-डाउन की ट्रेनों को लूपलाइन व आउटर पर खड़ी करा दिया। दिल्ली की ओर आने वाली ट्रेन कालका, नार्थईस्ट, नंदन कानन एक के बाद एक स्टेशन पर खड़ी रहीं।

हावड़ा-दिल्ली रूट ढाई घंटे तक बाधित रहने से स्टेशन से सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ लगी रही। यात्री प्लेटफार्म व पूछताछ केंद्र में ट्रेनों के आने की जानकारी लेते रहे। गर्मी व धूप से स्टेशन पर महिलाएं व बच्चे बेहाल नजर आए।
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प्लेटफार्म में लगे नल की टोटियों में यात्री लाइन लगा कर प्यास बुझाते रहे। भीषण गर्मी में उस पर ट्रेनों की देरी ने मंगलवार को यात्री को परेशान कर दिया। पूरा स्टेशन यात्रियों से खचाखच भरा रहा।

ट्रेन में आग लगने की सूचना लगते ही रेलवे, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।  इस दौरान इलाहाबाद-कानपुर के बीच अप एंड डाउन लाइन पर रेल संचालन बंद हो गया। बाद में 11.40 बजे डाउन लाइन चालू कर दी गई, जबकि चौरीचौरा को दूसरे इंजन की सहायता से सुजातपुर ले जाया गया।

उधर अप लाइन खोलते-खालते दिन के तकरीबन एक बज गए। इसके बाद 12311 कालका मेल, 18101 मुरी एक्सप्रेस, 12815 नंदन कानन एक्सप्रेस, 12505 नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस को बारी-बारी से निकाला गया। उधर शुजातपुर स्टेशन से बाद में चौरीचौरा दिन में 1.45 बजे कानपुर के लिए रवाना हुई, जो शाम 5.30 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंची।

इलाहाबाद/कौशाम्बी (ब्यूरो)। चौरीचौरा ट्रेन के इंजन में आग लगने पर करीब दो घंटे तक मुसाफिरों से भरी ट्रेन मौके पर ही खड़ी रही। हादसा निहालपुर हाल्ट के समीप हुआ था, जहां दूर-दूर तक ट्रैक के किनारे कोई पेड़ अथवा धूप से बचने की जगह नहीं थी।

ट्रैक से समीपवर्ती गांव भी करीब 1 किलोमीटर दूर स्थित हैं। ऐसे में घटना के बाद से करीब दो घंटे तक ट्रेन की बोगियां मौके पर खड़ी रहीं। इस भीषण गर्मी में ट्रेन के स्लीपर और जनरल कोच में बैठे यात्रियों को खासी परेशानी हुई। यात्री पानी के लिए भी काफी परेशान हुए।

भीषण गर्मी और प्यास से बेहाल इन यात्रियों के मददगार आसपास के गांववाले बने। गर्मी और प्यास से व्याकुल महिलाएं, बच्चों और अन्य यात्रियों के लिए मौहारी, गोरियों आदि आसपास के गांववाले ठेले में डिब्बे भर-भरकर पानी लेकर आए। पानी पीकर रेलगाड़ी के यात्रियों की जान में जान आई।

बता दें कि निहालपुर हाल्ट के समीप ट्रेन दोपहर 12.10 बजे तक खड़ी रही। दूसरा इंजन आने के बाद इसे सुजातपुर स्टेशन ले जाया गया, जहां से यह ट्रेन दोपहर 1.43 बजे कानपुर के लिए रवाना की गई।
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