तेलियानी ब्लाक क्षेत्र के भगवंतपुर गांव में घुमंतू मवेशियों से परेशान होकर ग्रामीणों ने पंचायत भवन में बंद कर दिया। घुमंतू मवेशियों का झुंड रविवार की शाम को गांव के किनारे फसलों को चर रहे थे। ग्रामीणों ने 40 मवेशियों पंचायत भवन के परिसर में बंद कर गेट में ताला लगा दिया है।
कुछ ग्रामीणों ने पुआल लाकर मैदान में डाल दिया है। उसे खाकर मवेशी पेट भर रहे हैं। इनमें कुछ मवेशियों को चोट लगी हुई है। वह चलने में लंगड़ा रहे हैं। प्रदेश सरकार व अधिकारियों के प्रति किसानों में आक्रोश है। कड़ाके की ठंड में किसान रात भर खेत में रहकर अपनी फसलों की रखवाली करते हैं। इसके बाद भी मौका पाकर घुमंतू मवेशी फसलों को नष्ट कर देते हैं। भगवंतपुर गांव के किसान राम कुमार सविता ने बताया कि घुमंतू मवेशियों की वजह से कोई भी फसल नहीं बचती है। खेत में बुआई के बाद फसलों में हरियाली आते ही यह मवेशी चट कर देते हैं। अब तो खाद, बीज की लागत भी नहीं निकल रही है। किसान सुनील कुमार ने बताया कि अधिकारी इन घुमंतू मवेशियों को पकड़ कर गोशाला में नहीं रख रहे। कागजों में गोशाला बनवाने और उनको रखवाली की बात करते हैं। किसान शिवम यादव ने बताया कि मवेशियों की वजह से खेत में रात भर रहना पड़ता है। इनकी वजह से रात में सोने को भी नहीं मिलता है। परिवार के पालन पोषण का खेती ही एक विकल्प है। सरकार व अधिकारियों की वजह से वह भी बर्बाद हो रही है।
वर्जन
डीपीआरओ अजय आनंद सरोज का कहना है कि डीएम के आदेश पर चारा-पानी पहुंचाने के लिए ग्राम प्रधान से कह दिया गया है। मंगलवार को सभी पशुओं को रारा गोशाला में पहुंचा दिया जाएगा।
इनसेट
पड़ोसी जिलों के छुट्टा मवेशी बने आफत
फतेहपुर। पड़ोसी जिलों के छुट्टा मवेशी तिरहार के किसानों के लिए आफत बन गए हैं। यमुना तिरहार के गांव बारा, ककोरा, रेंगना, चांदपुर, गौरी, आवाजीपुर, रुस्तमपुर, सिकंदरपुर, मवईधाम, दपसौरा, परसेड़ा, निंदापुर, जारा, चकरारा, मानेपुर में 50-50 मवेशियों के झुंड हैं। यह 50 मीटर की दूरी पर भी लोगों को देखते हैं तो खदेड़ लेते हैं। बहुआ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के ललौली, लमेहटा, कोर्रा, कनक, ओती, दतौली, सैबसी, अढ़ावल गांव में घुमंतू मवेशियों का आंतक बढ़ गया है। यह खेतों में बोई गई फसलों को चरते हैं। इनको खेत से हटाने जाने पर किसानों को खदेड़ कर मारते हैं। अब तो किसान भी इनके डर से खेतों में जाने से बचते हैं। इसी प्रकार विजयीपुर क्षेत्र के किशनपुर, गढ़ा, चितनपुर, धाना, गिरधरपुर, रायपुर भसरौल, सरौली समेत घुमंतू मवेशी सैकड़ों के झुंड में घूम रहे हैं। मौजूदा समय में किसान 75 फीसदी गेहूं की फसल बोए हुए हैं। सिंचाई भी करा दी है। फसल में थोड़ी सी हरियाली आते ही घुमंतू मवेशियों का यह चारा बन जाती है।