पीएसी के तालाब पर महिलाओं ने छठ पर्व पर को धूमधाम से मनाया। व्रती महिलाएं घुटने भर पानी में खड़े होकर डूबते सूरज को प्रथम अर्घ दिया। फिर छठ मईया के गीत गए। शनिवार सुबह भगवान सूर्य को अर्घ देने के साथ व्रत का परायण होगा।
छठ व्रत रखने वाली महिलाएं शुक्रवार सुबह से ही तैयारी में लग गईं। कई प्रकार के पकवान बनाए गए और एक बड़े पात्र में रखा गया। सुबह से ही निर्जल रखा। श्रृंगार करके महिलाएं परिवार के लोगों के साथ छठ घाट पर पहुंची।
दीप प्रज्वलित कर छठ मईया की पूजा की गई। इसके बाद एक दीप गंगा मईया और एक दीप भगवान सूरज को अर्पित किया गया। यह सब करने के बाद महिलाएं तालाब की गहराई में जाकर खड़ी हो गईं। भगवान सूरज के डूबने पर उन्हें अर्घ दिया।
इसके बाद व्रती महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ घर लौट आईं। सुबह उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही यह व्रत पूरा होगा। व्रती महिला सरिता प्रजापति ने बताया कि इस बार कोरोना की वजह से छठ पूजा वाली महिलाएं अपने-अपने गांव चली गईं हैं।