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तीन प्रत्याशी बदलने से सपा में उथल-पुथल

Fri, 08 Apr 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
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सपा - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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सपा के तीन विधानसभा प्रत्याशियों के टिकट बदलने से पार्टी की राजनीति में उथल-पुथल शुरू हो गई है। बिंदकी में ठाकुर व कुर्मी और अयाहशाह में निषाद बिरादरी की अधिकता है। इसी वजह से पार्टी ने बिरादरी के शख्स समरजीत सिंह व दलजीत निषाद को उतारा था। खागा विधानसभा में ओमप्रकाश गिहार की स्थिति काफी मजबूत मानी जाती रही है। ऐसे में इन तीन जगहों का प्रत्याशी बदल जाने से सभी हतप्रभ हैं। टिकट कटने का क्षोभ झेल रहे तीनों दावेदार इसके लिए प्रदेश सरकार के एक मंत्री को वजह बता रहे हैं।
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बता दें कि बिंदकी विधानसभा में कुर्मी और क्षत्रिय मतदाता लगभग बराबर हैं। क्षत्रिय बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले प्रत्याशी समरजीत सिंह का नाम घोषित होने पर यह माना जा रहा था कि यह दोनों बिरादरी को मैनेज कर सकेंगे। अयाह शाह विधानसभा में निषाद मतदाता काफी हैं।

इसी समीकरण से दलजीत निषाद को प्रत्याशी बनाया गया था। हालांकि यह दो बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। परिसीमन बदलने से विधानसभा का जातीय आंकड़ा निषाद बिरादरी के पक्ष में हो गया। पिछली बार इन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया लेकिन इस बार बिरादरी को मौका दिया गया था।
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खागा सुरक्षित सीट में सपा के पास ओमप्रकाश गिहार का नाम कुर्मियों के बीच में ज्यादा प्रचलित है, हालांकि इनकी खुद की बिरादरी अनुसूचित जनजाति है। एक बार यह सपा से ही विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि कांटे की टक्कर देने के बाद हारे। पिछला चुनाव अपना दल से लड़कर भी सपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट हासिल किया था। माना जा रहा था कि इसी वजह से सपा ने इन पर दांव खेला।

अब इन तीनों प्रत्याशियों का पत्ता पार्टी ने साफ कर दिया है, हालांकि समरजीत के मामले में अभी वह उधेड़बुन में है। दलजीत निषाद के बदले रीता प्रजापति को लाया गया है। रीता पूर्व ब्लाक प्रमुख हैं और कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की करीबी हैं। पार्टी ने इन पर अपने सिंबल का दांव खेला है जबकि प्रजापति बिरादरी की संख्या विधानसभा क्षेत्र में कम है। ओम प्रकाश गिहार की जगह पर सपा ने अब जिला पंचायत सदस्य विनोद पासवान को मैदान में खड़ा किया है।

इनके मामा मोहन लाल पासवान सपा से ही किशनपुर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि हार गए थे। अब किशनपुर व खागा को नए परिसीमन के बाद खागा विधानसभा बना दिया गया है। माना जा रहा है कि विनोद पासवान भाजपा की सिटिंग विधायक व दावेदार कृष्णा पासवान का वोट प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में लड़ाई त्रिकोणीय हो जाएगी और लाभ किसी के भी खाते में जा सकता है।

मैंने ही अपने जिलाध्यक्ष कार्यकाल में सपा का पहला सांसद जितवाया। दूसरी बार 24 घंटे के लिए जिलाध्यक्ष बनाकर हटा दिया गया। इसके बावजूद सपा के लिए समर्पित रहे। कुछ लोगों की साजिश से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हारने का ठीकरा मेरे सिर फोड़ दिया। बागी बताकर पार्टी से निष्कासित किया गया, फिर भी मैं पार्टी के प्रति समर्पित रहा। इस बार प्रत्याशी बनाने के 13 दिन बाद अपमान किया गया है। इससे समाज में सपा के प्रति कुंठा होगी। जल्द ही नेताजी से मिलेंगे, उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा।-समरजीत सिंह

विश्वास है कि फिर पार्टी बदलकर उन्हें ही टिकट देगी। कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने गुमराह कर नजदीकी महिला नेत्री को टिकट दिलाया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को जब यह बात पता चलेगी तो उन्हें न्याय मिलेगा। -दलजीत निषाद

एक जनप्रतिनिधि ने बसपा से समझौता कर टिकटों में बदलाव कराया है। डमी प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। यह सभी प्रत्याशी सीधे बसपा को लाभ पहुंचाएंगे। इस संबंध में जल्द ही हाईकमान से बात कर उन्हें असलियत से अवगत कराया जाएगा। -ओमप्रकाश गिहार

नए घोषित प्रत्याशी
पार्टी ने मेरी निष्ठा और समर्पण का ईनाम दिया है। जिस अपेक्षा से टिकट दिया गया, जनता के सहयोग से उस पर खरी उतरूंगी।-रीता प्रजापति  

सपा में सेवा का ईनाम पाया हूं। निस्वार्थ भाव से काम किया, कभी कुछ मांगा नहीं। इसी संतोष का फल मिला है। पार्टी को विधानसभा चुनाव जिताकर दिखाऊंगा।-विनोद पासवान
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