खागा। कोतवाली क्षेत्र के मानू का पुरवा में शराब कारोबारी नारायण सिंह के घर हुई करीब 54 लाख रुपये की चोरी के तीसरे दिन भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। मामले में मुखबिर तंत्र निष्क्रिय साबित हो रहा है। सीसीटीवी कैमरों में भी चोर नहीं दिखे। अब पुलिस सर्विलांस सेल के जरिये मोबाइल नंबरों की लोकेशन निकालकर संदिग्धों की तलाश करेगी।
नारायण सिंह 10 फरवरी को घर में ताला बंद कर परिवार सहित राजस्थान गए थे। 12 फरवरी की शाम लौटने पर उन्हें चोरी की जानकारी हुई। पुलिस ने करीब 11.50 लाख रुपये नकद, लगभग 43 लाख रुपये के जेवरात, एक रिवाॅल्वर और 26 कारतूस चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। चोर घर का सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए।
एसपी ने कोतवाली पुलिस के साथ एसओजी, इंटेलीजेंस और सर्विलांस टीम को खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली।
इसमें 10 और 11 फरवरी की रात कुछ युवक घर के आसपास संदिग्ध रूप से घूमते दिखे। शक के आधार पर पकड़े गए युवक एक गेस्ट हाउस में कार्यरत वेटर निकले। कोतवाल आरके पटेल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
लचर खागा पुलिसिंग से बढ़ती चोरियों से ग्रामीणों में दहशत
खागा कोतवाली की पुलिसिंग पर क्षेत्रीय लोग सवाल उठा रहे हैं। पिछले दो-तीन महीनों में क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ है लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस के पास जांच का आश्वासन ही नजर आता है। आरोप है कि कई घटनाओं को संदिग्ध बताकर दर्ज तक नहीं किया जाता।
22 अक्तूबर की रात रेलवे ओवरब्रिज के नीचे रहने वाले सराफा कारोबारी विनय सोनी के बंद घर से चोर करीब 30 लाख रुपये के जेवर और तीन लाख रुपये नकद ले गए थे। 25 दिसंबर को नौबस्ता बाईपास किनारे अयोध्या नगर निवासी हंसराज सिंह के घर का ताला तोड़कर करीब डेढ़ लाख रुपये और 45 ग्राम सोने के जेवर चोरी हुए।
चार जनवरी को हंसराज सिंह के पड़ोसी सराफा कारोबारी आकाश के घर से 18 लाख रुपये नकद और करीब पांच लाख रुपये के जेवर चोरी कर लिए गए। इसके अलावा गड़रियन का पुरवा मजरे पुरइन में 19 नवंबर को रामस्वरूप के घर से नकदी व जेवर पार हुए। 11 सितंबर को वासुदेवपुर निवासी संदीप कुमार के घर से चार लाख रुपये के जेवर और 30 हजार रुपये नकद चोरी हुए थे। इन घटनाओं में अब तक किसी का खुलासा न होने से लोगों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।