शहर के इकलौते ज्वालागंज रोडवेज बस स्टाप की बदहाली दूर होने का नाम ही नहीं ले रही। यात्रियों की सुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रोजाना सैकड़ों यात्री भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान हो इधर-उधर भटकते नजर आते हैं। काहिली का आलम यह है कि बस स्टैंड पर लगा इकलौता हैंडपंप भी खराब पड़ा है।
यात्री पानी खरीद कर प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
बस स्टैंड की बदहाली को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया था। कुछ समय तक व्यवस्थाएं पटरी पर रहीं। लेकिन फिर हालात जस के तस हैं। अकेले पानी की समस्या ही नहीं है। लाख मांग के बाद भी सुलभ शौचालय का निर्माण नहीं हुआ। स्टैंडपोस्ट व वाटरकूलर शोपीस बने हैं। सैकड़ों यात्रियों की प्यास बुझाने का मात्र एक हैंडपंप ही सहारा है। और वह भी राम भरोसे है, क्यों एक बार पानी उतर जाने के बाद 15 से 20 मिनट के बाद ही दोबारा पानी आता है। बच्चे और उम्रदराज लोगों को पानी निकालने में बहुत परेशानी होती है। पिछले दो दिन से पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। शनिवार को दोपहर साढ़े 12 बजे यात्री उमरा भोगलपुर गांव निवासी ओमनाथ दिल्ली जा रहे थे। पानी की तलाश में बहुत देर से इधर उधर भटकते नजर आए। कुछ देर बाद बस स्टाप का इकलौता हैंडपंप दिखा। वह हैंडपंप चलाने लगे। लगभग 15 मिनट हैंडपंप चलाने के बाद भी पानी न निकलने पर वह मायूस होकर चले गए और पास की दुकान से पाउच खरीदकर अपनी प्यास बुझाई। वहीं दूसरी तरफ खागा से असोथर जा रहे फतेह सिंह की तबीयत खराब होने से सुलभ शौचालय की खोज करते नजर आए।