बीएसए कार्यालय में ताला बंद कर हंगामा करते बीटीसी प्रशिक्षित बेरोजगार।
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बीएसए कार्यालय में शनिवार को बीटीसी प्रशिक्षित बेरोजगारों की एक टोली ने जमकर हंगामा किया। अगुवाई करने वाले शख्स ने खुद को दरजा प्राप्त राज्यमंत्री राम बहादुर यादव का भतीजा बताकर कार्यालय में तालाबंदी कराई। अफसर को कई तरह के शब्दों से नवाजा और कर्मचारियों को भी बाहर खड़ा करा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक यह ड्रामा चला। बीएसए पहुंचे तो सीटें बढ़वाने की मांग की। असमर्थता जताते हुए बीएसए ने उन्हें समझाकर कार्यालय का ताला खुलवाया। इसके बाद बेरोजगार टोली लौट गई।
दोपहर 12.30 बजे बीटीसी प्रशिक्षित बेरोजगार जिंदाबाद लिखे बैनर को लेकर करीब 24 युवक बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां पर बीएसए विनय कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दफ्तर के अंदर मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद बेरोजगारों ने साथ कार्यालय में ताला बंद कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की अगुवाई करने वाले शख्स ने ऐतराज जताने वालों से कहा कि जानते नहीं मुझे, मैं राज्यमंत्री राम बहादुर यादव का भतीजा आरएन यादव हूं। इसके बाद उसने कार्यालय परिसर में कई घंटे तक भाषण दिया। इससे अव्यवस्था का माहौल रहा। डीएम की बैठक से बीएसए के लौटने के बाद मामला शांत हो पाया। हंगामा करने वालों में आशीष यादव, अनुराग यादव, पुष्पेंद्र यादव, विनय, राहुल, आनंद, कुलदीप भी मौजूद रहे। बीएसए ने बताया कि हंगामा करने वाले युवक बेसिक शिक्षकों की भर्ती में जिले को मिली 250 सीटों को और बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने अपने स्तर से लिखा पढ़ी कर दी है। सीटें बढ़ाना उनके अधिकार में नहीं है।
मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजें
दरजा प्राप्त राज्यमंत्री राम बहादुर यादव ने इस मुद्दे पर कहा कि आरएन यादव नाम का मेरा कोई भतीजा नहीं है। यदि भतीजा होता भी तो इस तरह के कार्य की छूट नहीं देता हूं। किसी ने मेरे नाम का उपयोग कर ऐसा किया है तो गलत है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेजे।