ठंड असर मंगलवार को भले ही कम रहा हो, लेकिन गरीबों और स्कूली बच्चों को ठंड से राहत नहीं मिली है। सुबह सर्दी में ही बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। दिन में चटख धूप होते ही ठंड का असर खत्म हो गया। हालांकि धूप का असर कम होते ही शाम को ठंड फिर बढ़ गई। लोग ठंड दूर करने के लिए आग के पास बैठ गए।
महीना भर से हो रही कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल गई है। सूरज निकलने के पहले गलनभरी ठंड रही।
लोग रजाई में दुबके रहे। फिर धूप निकलने पर ठंड का असर कम हुआ। जैसे-जैसे धूप चटख होती गई, ठंड का असर कम होता गया। दोपहर को शहर के चौक, पत्थरकटा, पटेल नगर और कलक्टरगंज में चहलपहल रही। दुकानों में लोग खरीदारी करते दिखाई दिए। रोडवेज की सेवाएं भी दिनभर समय से रहीं। बसों के इंतजार में यात्रियों को दिन में इंतजार नहीं करना पड़ा। शाम होते ही ठिठुरन बढ़ी। रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों में लोग अलाव जलाकर आग तापने लगे। उधर ट्रेनों के संचालन में विशेष सुधार नहीं हुआ। ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्री धूप में बैठे रहे।
शाम को ठंड बढ़ते ही प्रतीक्षालय में बैठकर ट्रेनों के आने की राह देखते रहे। दिल्ली-हावड़ा रूट की जोधपुर हावड़ा, मुरी, जयपुर इलाहाबाद, प्रयागराज, रीवां, संगम, चौरी चौरा, महानंदा और नंदनकानन ट्रेनें देरी से स्टेशन पर पहुंचीं।