नारी शक्ति को स्वाभिमान के साथ जीने के लिए डीजीपी सुलखान सिंह ने ‘चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलो’ का स्लोगन दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा कि कामयाबी के शीर्ष तक पहुंचने के लिए जीवन के 25 साल तक पढ़ाई का कठिन तप ही एक मंत्र है। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1090 की तारीफ भी की।
पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह सद्गुरु विद्यालय गुरुकुल दूधी कगार में आयोजित गोष्ठी ‘अपराध नियंत्रण में शिक्षा की भूमिका’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। पुलिस की सलामी के बाद उन्होंने हनुमान मंदिर में आरती की। शोभन सरकार मंदिर में दर्शन के बाद मंच पर पहुंचे। डीजीपी ने नारी सुरक्षा सप्ताह के मौके पर छात्र-छात्राओं संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नारियां शक्ति के रूप में उभर रही हैं।
कहा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जागरूकता की कमी है। वे अपने साथ होने वाले घरेलू, बाहरी अपराधों को सहन करती हैं। अब ऐसी महिलाएं चुप्पी तोड़े और खुलकर बोलें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलो का नारा भी लगवाया। साथ ही नारे को अमल में लाने नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि 1090 जैसी आधुनिक सुविधा प्रदेश में हैं। एक काल के बाद ही पुलिस पीड़ित महिला के दरवाजे तक पहुंचती है।