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डूबने से हुई थी दोनों बहनों की मौत

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फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव में सोमवार शाम दो सगी बहनों के शव तालाब में मिलने के मामले में नया मोड़ आया है। मामला हत्या और आत्महत्या में उलझ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि चोट के हल्के निशान मिले हैं। डॉक्टरों ने दुष्कर्म की पुष्टि के लिए दोनों बहनों की स्लाइड बनाई है। सूत्रों के मुताबिक बड़ी बहन से दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है।
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थाने के एक गांव की आठ और 12 साल की दलित सगी बहनों के सोमवार देर शाम तालाब से शव बरामद हुए थे। मंगलवार को डीएम संजीव सिंह के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एके अग्रवाल ने तीन चिकित्सकों का पैनल गठित कर पोस्टमार्टम कराया। सर्जन डॉ. आदर्श त्रिपाठी, डॉ. केपी सिंह और डॉ. अजय सिंह के पैनल ने दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी हुई। जिसमें पता चला, दोनों की मौत डूबने के कारण हुई है। हालांकि पलकों के पास आई चोट धक्का देने में आना प्रतीत होता है। उनके नाक, कान से खून का बहाव भी हुआ है।
कोट.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होना स्पष्ट हुआ है। दुष्कर्म की आशंका पर दोनों बच्चियों की स्लाइड बनवाई गई है। स्लाइड में रेप की पुष्टि होगी तो जांच कराई जाएगी। स्लाइड लखनऊ प्रयोगशाला भेजी गई है।
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- प्रशांत वर्मा, पुलिस अधीक्षक
बड़ी बेटी को आता था तैरना, तो डूबी कैसे
परिजनों ने सवाल उठाए कि बड़ी बेटी को तैरना आता था, तो वह तालाब में डूबी कैसे। इन हालातों में उसका डूबना किसी के समझ में नहीं आ रहा है।
डंडे से आईजी ने नपवाई तालाब की गहराई और बोले डूबीं हैं बच्चियां
असोथर। तालाब में बच्चियों की मौत के मामले में आईजी प्रयागराज कवींद्र प्रताप सिंह मंगलवार दोपहर को घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने एक सिपाही को डंडा देकर तालाब की गहराई नपवाई। करीब छह फीट का डंडा तालाब में चला गया। उसके बाद आईजी ने बच्चियों की मौत डूबने से होने की बात कही। इस दौरान आईजी, डीएम संजीव सिंह और एसपी प्रशांत वर्मा भी साथ रहे।
प्रियंका गांधी ने लिया संज्ञान, हाईकोर्ट की देखरेख में हो जांच
फतेहपुर। दो सगी बहनों की मौत के मामला का कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने संज्ञान लिया है। पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व सांसद राकेश सचान ने बताया कि मामले की रिपोर्ट राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज गई है। नेतृत्व ने पीड़ित परिवार को 25-25 लाख मुआवजा देने के साथ हाईकोर्ट के जज की देखरेख में कमेटी गठित कर जांच कराने की मांग की है। बताया कि जल्द ही पार्टी का प्रतिनिधि मंडल गांव जाकर घटना का जायजा लेगा। राष्ट्रीय महासचिव भी घटना का जायजा लेने आ सकती हैं।
घटना के बाद नेताओं लगा जमावड़ा
फतेहपुर। घटना के बाद से गांव में विभिन्न नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। सपा के जिलाध्यक्ष विपिन सिंह यादव, पूर्व चेयरमैन चंद्रप्रकाश लोधी, कपिल यादव तथा भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष शिवकुमार, कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह चौहान मौके पर डेरा डाले रहे। नेताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ परिजनों को 25 लाख का मुआवजा देने की मांग की है।
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