बिजली संकट में शनिवार को आई आंधी ने कोढ़ में खाज का काम किया। थरियांव उपकेंद्र की हाई टेंशन लाइनें ब्रेकडाउन होने से क्षेत्र के एक सैकड़ा से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त है। बिजली ने मोहल्लों में सबसे ज्यादा समस्या पानी को लेकर हुई।
कुछेक ठीक हैंडपंपों के सामने पूरे दिन लोग बाल्टी लिए इंतजार करते दिखाई दिए। वहीं रिहायसी इलाकों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल है।
घरों में लगे कूलर, फ्रिज और पंखा शोपीस बने हैं। आंधी में राधानगर-थरियांव उपकेंद्र की हाईटेंशन लाइन ब्रेेकडाउन हो गई है। फाल्ट ढूंढने में बिजली कर्मचारी पसीना छोड़ रहे हैं।
रविवार देर रात तक फाल्ट नहीं मिला है। थरियांव उपकेंद्र के अलावा कर्मचंद्रपुर सांढ़ा उपकेंद्र की आपूर्ति प्रभावित है। थरियांव उपकेंद्र से मंडासराय, ब्रम्हनपुर, असोथर और हंसवा फीडर से करीब एक सैकड़ा गांव में बिजली आपूर्ति होती है। कस्बा के सगीर अहमद, प्रकाश मोदनवाल, वीरेंद्र और लवकुश मोदनवाल ने बताया कि बिजली का फाल्ट न सही होने से लोग हलाकान हैं। भीषण गर्मी में घर के अंदर आग बरस रही है। वहीं किसान आरके लोधी ने बताया कि केला की फसल सूख रही है। बिजली कर्मचारी अभी तक बिजली का फाल्ट सही नहीं कर पाए हैं। हंसवा फीडर में आंधी से पेड़ गिर गया है, जिसमें हाई टेंशन लाइन का खंभा झुक गया है और तार जमीन छू रहे हैं। 24 घंटे गुजरने के बाद भी अभी तक बिजली विभाग ने झुका पड़ा खंभा को सही नहीं कराया है। जेई धीरेंद्र सिंह ने बताया कि राधा नगर से उपकेंद्र की हाई टेंशन लाइन का फाल्ट सही करा दिया गया है। हंसवा में खंभा गिरने की जानकारी नहीं है। पता लगाकर खंभा को सही कराया जाएगा।