देवमई ब्लाक के गंचौली के मजरे हरिश्चंद्र खेड़ा के 60 घरों की बस्ती में 38 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। विद्युत वितरण निगम के अफसरों की लापरवाही से हुए इस अग्निकांड ने उनकी पूरी गृहस्थी राख कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि ढीले तारों को दुरुस्त कराने के लिए वे कई बार अफसरों से मांग कर चुके हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
मजरे हरिश्चंद्र खेड़ा स्थित रैदास बस्ती में करीब 60 घर हैं। बस्ती के बीच से ही तार गुजरा है। इन तारों के ढीले होने की वजह से आए दिन स्पार्किंग होती थी। ग्रामीणों की मानें तो उन्होंने इसकी शिकायत विद्युत वितरण निगम के अफसरों से की थी।
इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। जिसका नतीजा था कि रविवार दोपहर हवा का हल्का झोंका लगते ही स्पार्किंग हुई और चिंगारी नीचे गिरने से आग लग गई।
इस अग्निकांड में जयलाल, रामबाबू, बाल किशन, राम किशन, रामलाल, धनीराम, मनिया, कालीदीन, कमलेश, बरातीलाल, रामस्वरूप, देवीदीन, शिवबाबू, रामकली, पच्चू, भजनलाल, कल्लू व पाल बिरादरी के संतोष कुमार, हीरालाल, मुन्नालाल, कल्लू, छेदालाल, विजयपाल, राजाराम, मौजीलाल, रामधनी, छोटे, मंगली पाल, छोटेलाल, दिनेश कुमार, लक्ष्मी नारायण व मोहनलाल समेत 38 लोगों के घर व छप्पर जल गए।
बालिका ने दी 100 नंबर पर सूचना
औंग। देवमई ब्लाक के गंचौली के मजरे हरिश्चंद्र खेड़ा में जिस वक्त आग लगी। उस दौरान अफरा-तफरी का माहौल था। ग्रामीणों को इस दौरान जब कुछ भी सूझ नहीं रहा था। ऐसे मेें गावं के विकलांग छोटे लाल की कक्षा छह में पड़ने वाली 11 वर्षीय बालिका पुष्पा देवी ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए मोबाइल से 100 नंबर डायल करके आग लगने की सूचना दी।
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घरों के गंदे पानी ने बचाए दो दर्जन घर
औंग। आग की प्रचंडता से एक के बाद एक घिर रहे हरिश्चंद्रखेड़ा गांव के घरों के बीच गांव का एकल तालाब तारणहार बना नजर आया। इस तालाब मेें गांव भर के घरों का गंदा पानी एकत्र होता है। आग लगने के बाद ग्रामीण पानी लेने के लिए इसी तालाब की ओर भागे। सूचना के करीब ढाई घंटे बाद पहुंची फायर बिग्रेड की जनरेटर वाली फायर बिग्रेड की छोटी गाड़ी ने भी इसी गाड़ी से पानी लेकर आग की प्रचंडता पर काबू पाया। जिससे दो दर्जन घर जलने से बच गए।
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झटके में बिखर गए हाथ पीले करने के सपने
औंग। आग के कोहराम ने गांव के 38 घरों को खाक कर दिया। इसी के साथ दो परिवारों में जून महीने मेें बजने वाली शहनाइयों पर एक तरह से विराम सा लग गया। गांव के कालीदीन ने बताया कि उनकी बेटी श्रीकांति का 12 जून को विवाह तय है। घर का पूरा सामान जल करके राख हो गया। इसी प्रकार से कमलेश की बेटी रंजना का विवाह जून के पहले सप्ताह में होना है।
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चार घंटे बाद याद आया हरिश्चंद्रखेड़ा
औंग। आग के कहर से तबाह हुए गंचौली के मजरे हरिश्चंद्र खेड़ा गांव की तबाही का आंकलन करने के लिए चार बजे लेखपाल राम भरोसे मौके पर पहुंचे। इसके बादचार बजकर 45 मिनट पर बिंदकी एसडीएम आग से तबाह हुए ग्रामीणों को दिलासा दिलाने को पहुंचे।