बहुआ/ललौली। भाकियू (टिकैत गुट) की तिरंगा रैली के दौरान जिंदपुर टोल प्लाजा पर हुए विवाद के बाद पुलिस ने दो किसानों को घर से उठा लिया था। इससे नाराज कार्यकर्ता शुक्रवार को राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिंदपुर टोल प्लाजा के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
धरना खत्म कराने के लिए सीओ जाफरगंज को किसानों से समझौता करना पड़ा। समझौते के तहत पुलिस ने दोनों किसानों को छोड़ दिया और दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद शुक्रवार शाम तीन बजे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
भाकियू ने 13 अगस्त को तिरंगा रैली निकाली थी। इस दौरान जिंदपुर टोल प्लाजा पर किसानों और टोल कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई थी। टोल कर्मियों की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अयाह निवासी किसान सत्येंद्र सिंह और समदाबाद निवासी शुभम यादव को हिरासत में लिया था।
इससे नाराज भाकियू कार्यकर्ता जिला संगठन मंत्री बच्ची लाल पटेल के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। किसानों ने ललौली पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उनका कहना था कि टोलकर्मी अवैध वसूली कर रहे थे और विरोध करने पर किसानों से बदसलूकी की गई। उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय किसानों को ही आरोपी बना दिया गया।
जिलाध्यक्ष नवल पटेल ने आरोप लगाया कि टोलकर्मियों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर किसानों के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि रात एक बजे से पुलिस किसानों को उनके घरों से उठा रही है। किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीओ जाफरगंज ने किसानों से वार्ता की और पकड़े गए दोनों किसानों को रिहा कर मामले की सही जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। धरने में मुन्ना शेख, नागेंद्र यादव, दिनेश शुक्ला, कप्तान सिंह यादव, मोईद अहमद, भानु पटेल, विवेक यादव समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ जाफरगंज अवनीश कुमार के नेतृत्व में ललौली, गाजीपुर, राधानगर और खागा थानों की पुलिस टोल प्लाजा पर तैनात रही।