असोथर। दहेज उत्पीड़न से परेशान महिला और उसके छह वर्षीय बेटे के संदिग्ध हालात में लापता होने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दामाद के खिलाफ हत्या और शव छिपाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
थाना क्षेत्र के जरौली गांव के मिश्रन डेरा निवासी शिव विशाल मिश्रा ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व उन्होंने पुत्री मंजू देवी की शादी कोटवा निवासी हरिओम पांडेय से की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर हरिओम पुत्री को प्रताड़ित करता था।
30 अक्तूबर 2023 को थाना स्तर पर दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया। इसके बाद भी उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। शिव विशाल ने बताया कि प्रताड़ना से तंग आकर मंजू 12 अप्रैल 2024 को छह वर्षीय बेटे कृष्णा के साथ मायके आ गई थी।
तीन दिन बाद 15 अप्रैल को हरिओम समझौते का भरोसा देकर दोनों को साथ ले गया। कुछ समय तक बातचीत होती रही इसके बाद मंजू का फोन बंद हो गया। ससुराल पक्ष उसके बाहर होने की बात कहकर मामले को टालता रहा।
बीते 26 मई को बेटी से मिलने ससुराल पहुंचने पर मंजू की सास ने बताया कि वह कई दिनों से गायब है। शिव विशाल ने दामाद पर पुत्री और नाती की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाया है।
12 जून को थाना और एसपी से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। प्रभारी निरीक्षक राजीव मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।