भाजपाइयों ने एक लंबे समय बाद बिजली-पानी और किसानों के मुआवजे के लिए हुंकार भरी। चिलचिलाती धूप में महिला, पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ पदाधिकारी और नेता दोनों पार्टी कार्यालय से जुलूस लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। रास्ते पर नारे लगाते हुए भाजपाई सपा सरकार और जिला प्रशासन पर तरह-तरह के आरोप लगाते रहे। कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस के रोकने और ज्ञापन लेने के लिए एसडीएम के आने पर भाजपाई भड़के पर समय रहते हालात संभाल लिए गए। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
अंधाधुंध बिजली कटौती, पेयजल संकट, सूखे तालाब, दैवीय आपदा से जूझ रहे किसानों के मुआवजे में बंदरबांट, राशनकार्ड बनाने व सुधारने में मनमानी मुख्य मुद्दा रहा। जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेई की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रशासन को समस्याएं गिनाईं।
इस दौरान सदर विधायक विक्रम सिंह, भाजपा नेता विकास गुप्ता उर्फ बब्लू, अवधेश मिश्रा ने सपा सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। कलेक्ट्रेट गेट के पास उप जिलाधिकारी सदर विवेक श्रीवास्तव पहुंचे तो भाजपाई नाराज हो गए और जिलाधिकारी के आने की जिद करने लगे। काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
इसके बाद प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में भाजपाइयों ने गेहूं क्रय केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्था, पेयजल संकट, बिजली कटौती दूर करने तथा सिंचाई की व्यवस्था बेहतर करने के साथ खस्हाताल मार्गों के निर्माण की मांग की। जिलाधिकारी ने समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व न्यायमंत्री राधेश्याम गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष रणवेंद्र प्रताप धुन्नी सिंह, राजेंद्र पटेल, शैलेंद्र रघुवंशी, रमाकांत त्रिपाठी, अजमेर सिंह, पंकज त्रिपाठी, मनोज शुक्ला, अनिल चार्ली, जयंती वर्मा, कुलदीप भदौरिया, मंडल अध्यक्ष धीरज बाजपेई, सुधीर मिश्रा, राकेश मौर्या, हिमांशु त्रिपाठी, सुधाकर अवस्थी, सुरेश परमार, विजय लक्ष्मी साहू, नीरज सिंह, प्रमोद द्विवेदी, शिव प्रताप सिंह, सुशील तिवारी, विकास गुप्ता, मुखलाल पाल, रघुवीर लोधी, ओम मिश्रा, शिव प्रसाद त्रिपाठी, रजोल मिश्रा, बलराम सिंह चौहान, महेशकांत त्रिपाठी, संतोष सिंह बाबुन, राजकुमार साहू, पुष्पराज पटेल, इंद्रसेन पटेल, राम सिंह पाल मौजूद रहे।