फतेहपुर। ठेकेदार के बेटे भाजपा नेता अंकित मिश्रा ने नगर पालिका में 45 लाख रुपये भुगतान के लिए ईओ और जेई पर 32 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। विद्यार्थी चौराहा स्थित आवास पर मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए नगर पालिका पर माफिया का कब्जा होने की बात कही।
अंकित ने बताया कि उसके मां राजेश्वरी देवी के नाम पर एसआर इंटरप्राइजेज फर्म रजिस्टर्ड है। उन्होंने इस फर्म से पीडब्ल्यूडी विभाग से सड़क निर्माण का टेंडर मिला था। उन्होंने 45 लाख रुपये के काम किए। सभी कार्यों के बिल विभाग में जमा किए जा चुके हैं। उसके बाद भी उनका बिल भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनसे भुगतान से पहले 32 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है। आरोप लगाया कि शहर का एक माफिया नगर पालिका का संचालन कर रहा है। उसके दबाव में ही उसे नगर पालिका के पिछले कार्यकाल से परेशान किया जा रहा है। इस कार्यकाल में भी माफिया का पूरा हस्तक्षेप है। उन्होंने बताया कि मां का उपचार दिल्ली में चल रहा है। उनको रुपये की सख्त जरूरत है। अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते थक जाने के बाद मामले को सार्वजनिक किया है। उन्हें अब नगर पालिका से डिफाल्टर घोषित करने की बात कही जा रही है। मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ षड़यंत्र रचा जा रहा है।
तीन फर्मों को ही काम मिलने का आरोप
भाजपा नेता का आरोप है कि नगर पालिका में तीन फर्मों को ही काम दिया जाता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिर्फ एक ही फर्म को सभी काम दिए गए। वर्तमान में भी सफाई के कई टेंडर होने हैं। वे काम भी इन फार्मों को ही दिए जाएंगे। ये फर्म सफाई का काम 8 सालों से कर रही है। आरोप लगाया कि पालिका में गैर समुदाय के लोगों का वर्चस्व है। उन्हें भाजपा में होने के कारण परेशान किया जाता है।
सुबह 10 बजे से कार्यालय में बैठता हूं। शाम को भी कार्यालय में काम करता हूं। किसी को कोई समस्या है, तो वह आकर मिले। उसकी शिकायत सुनी जाएगी। नगर पालिका में शिकायत नहीं सुनी जाती, तो एडीएम व डीएम के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। मां के देहांत होने की वजह से पिछले कुछ दिन जरूर कार्यालय नहीं आया। ठेकेदार ने एक माह से हमसे मुलाकात नहीं की है। ठेकेदार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
रवींद्र कुमार, अधिशाषी अधिकारी, सदर नगर पालिका