सावधान: आलू की सब्जी के बजाय कहीं आप स्वीट प्वायजन तो नहीं खा रहे हैं? तेजाब से तैयार किया गया बनावटी नया आलू खाने से लीवर और पेट की बीमारी सेहत चौपट कर सकती है।
इसलिए नया आलू खरीदने के पहले उसे अच्छी तरह से परख लें, कहीं वह तेजाब की मदद से तैयार किया गया बनावटी आलू, तो नहीं है, जिसे कृत्रिम ढंग से नए आलू का रूप दिया गया है।
बाजार में इन दिनों मिट्टी के भाव बिक रहे पुराने आलू की अच्छी कीमत वसूलने के लिए दुकानदारों ने नया फंडा निकाला है। पुराने आलू को नए आलू का रूप देकर दुकानदार पुराने आलू को चार गुना कीमत पर बेच रहे हैं।
दुकानदार बेखौफ होकर तेजाब की मदद से पुराने आलू को नए आलू का रूप दे रहे हैं। जबकि बनावटी नया आलू खाने वालों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसके बावजूद अज्ञानतावश लोग बनावटी नया आलू खरीद रहे हैं।
हालांकि उन्हें यह नहीं मालूम इस आलू को खाने से वह लीवर की बीमारी के शिकार हो सकते हैं। ऐसा आलू खरीददारों को दोहरी चोट पहुंचा रहा है। एक तरफ जेब खाली हो रही है, तो दूसरी तरफ वह अपने और परिवार के लिए पेट की बीमारियां लेकर घर जा रहे हैं।
बाजार में पुराना आलू फुटकर में 8 से 10 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि बनावटी नए आलू की कीमत दुकानदार 40 रुपये किलो वसूल रहे हैं।
बनावटी आलू किसी भी दुकान में अधिक मात्रा में नहीं मिलेगा, क्योंकि ऐसा आलू अधिक देर तक बाहर नहीं रखा जा सकता है। अधिक देर तक बाहर रखने से इसमें पुराने आलू के लक्षण दिखाई पड़ने लगते हैं। बड़ी से बड़ी सब्जी की दुकान में चार से पांच किलो ही बनावटी आलू रखा दिखाई पड़ेगा।