कड़ाके की ठंड खत्म होने के बाद गरीबों को ठंड से राहत पहुंचाने के लिए कंबलों की खेप आई है। कंबलों की यह खेप फसल सूखने के बाद हुई बरसात की कहावत को चरितार्थ कर रही है।
शुक्रवार को जिला केंद्र से करीब 640 कंबल की खेप आई है, जिन्हें तहसील के एक कमरे में रखवा दिया गया है। करीब-करीब ठंडक खत्म होने को है। इन कंबलों का वितरण पूरी तरह से बेमकसद है। तहसीलदार जेपी पांडेय ने बताया कि 15 दिन पहले कड़ाके की पड़ रही ठंड के दौरान तत्कालीन तहसीलदार एसपी विश्वकर्मा ने कंबलों की मांग की थी। उसी आधार पर कंबलों की खेप आई है। उन्होंने बताया कि पात्रों का चयन करके कंबलों का वितरण किया जाएगा। दूसरी ओर इलाकाई लोगों का कहना है कि अब कंबल का वितरण करने से क्या फायदा है।