फतेहपुर। बैंक शाखा प्रबंधक को बीसी शाखा केंद्र से 63,253 रुपये की धोखाधड़ी के मामले में छह फीसदी सालाना ब्याज दर से 30,240 रुपये और परिवाद व्यय के 10 हजार रुपये लौटाने का जिला उपभोक्ता फोरम ने आदेश दिया है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के बह्मनुर गांव निवासी घसीटे ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए बताया कि उसने जोनिहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से बैंक कस्टमर फ्रेंचाइजी 23 अप्रैल 2015 में खोलवाई थी। उसके बैंक खाते में एक लाख 26 हजार 601 रुपये का बैलेंस जमा था।
कुछ दिनों बाद 10 जून 2017 को बैंक से 83,253 निकल गए। खाते में 43,348 रुपये बचे। बैंक से जानकारी मांगने पर बैंक कर्मी टालमटोल करने लगे। बैंक कर्मी की ओर से खाते मेंं 20 हजार रुपये जमा कर दिए गए।
दूसरी पासबुक बनाकर बैंक कर्मी की ओर से दी गई। न्याय न मिलने पर 20 जून 2018 को उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। उपभोक्ता फोरम ने बैंक प्रबंधक को 93,493 रुपये और परिवाद व्यय के 10 हजार रुपये देने का दाे माह के अंदर आदेश दिया है।